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Yoga Session: योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है सूर्य नमस्कार, सीखें सही तरीका

Yoga Session: आज रविवार के दिन योग सेशन में सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) का अभ्यास दिखाया और सिखाया गया. सूर्य नमस्कार ऊर्जा देता है और यह 12 आसनों का सेट है. शुरुआत में सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस धीरे-धीरे करनी चाहिए लेकिन जब अभ्यास हो जाए तो सूर्य नमस्कार लगातार करने से यह एक अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज की तरह काम करता है. इस लाइव योग सेशन में सूर्य नमस्कार सहित अन्य व्यायाम सिखाए गए. इसके अलावा पैरों, पंजो, घुटनें, कमर, कुल्हे, गर्दन, कंधे, पीठ और हाथों के लिए छोटे और आसान अभ्यास सिखाए गए. इन व्यायामों को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है.

भुजबल्लि शक्ति विकासक क्रिया: हाथों को ऊपर से नीचे की तरह घुमाएं. पहले क्लॉक वाइज घुम्नाएं फिर एंटी क्लॉक वाइज. ऐसा करने से कंधे, कोहनी और हाथ मजबूत होंगे. इसके बाद गर्दन को भी आगे पीछे करें और घुमाएं.

सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ है. यह 12 आसनों का एक सेट है. सूर्य नमस्कार के अंतर्गत प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, उत्तानासन, अश्व संचालनासन, चतुरंग दंडासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, अधोमुख श्वानासन, अधोमुक्त श्वानासन, अश्व संचालनासन, उत्तानासन, हस्त उत्तानासन और प्रणामासन आते हैं. ये आसन हर किसी के लिए फायदेमंद है.

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प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

हस्तोत्तानासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

शवासन: मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.

सूर्य नमस्कार के फायदे:

सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें:

गर्भवती महिलाएं सूर्य नमस्कार ना करें:

उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार ना करें.

अगर आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले स्पेशलिस्ट की सलाह लें.

महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें.

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