World Vision Day 2020: नेत्रहीन बच्चों को पढ़ाने में मददगार साबित होगा लेगो खिलौना, जानें क्या है ये
स्वास्थ्य

World Vision Day 2020: नेत्रहीन बच्चों को पढ़ाने में मददगार साबित होगा लेगो खिलौना, जानें क्या है ये | health – News in Hindi

लेगो फाउंडेशन का उद्देश्य है कि उसके इस खिलौने से बच्चों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान बनी रहे.

लेगो (Lego) एक तरह की पजल गेम (Puzzle Game) होती है जिसमें प्लास्टिक की ईंटो (Bricks) को जोड़कर कई तरह की आकृतियां बनाई जाती हैं. लेगो के नए मॉडल की मदद से नेत्रहीन बच्चे (Blind Children) ब्रेल वर्णमाला में अलग-अलग अक्षर और संख्या की पहचान कर उन्हें सीख सकेंगे.

विश्व दृष्टि दिवस (World Vision Day) हर साल अक्टूबर महीने के दूसरे गुरुवार (Thursday) को मनाया जाता है. इस साल 8 अक्टूबर यानी आज यह दिवस मनाया जा रहा है. इस दिन को धुंधली दृष्टि, अंधापन के साथ-साथ दृष्टि संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है. आपको बता दें कि दुनिया भर में लगभग 1.4 मिलियन बच्चे दृष्टिहीन हैं. वहीं, इस मौके पर लेगो फाउंडेशन (Lego Foundation) ने नेत्रहीन बच्चों के लिए एक नई पहल की है. फाउंडेशन ने नेत्रहीन बच्चों को ब्रेल लिपी (Braille) सीखाने के लिए लेगो खिलौने का नया मॉडल विकसित किया है.

लेगो फाउंडेशन का उद्देश्य है कि उसके इस खिलौने से बच्चों के चेहरे पर बड़ी मुस्कान बनी रहे. इसी के चलते कंपनी ने ब्रिटेन में अगस्त महीने में लेगो का नया मॉडल तैयार किया था, जिसमें बच्चे को खेलने के साथ साथ सीखने का भी अनुभव मिले. साथ ही लेगो के नए मॉडल में नेत्रहीन बच्चों को ब्रैल लिपी सीखने का भी मौका मिलेगा. लेगो, नेत्रहीन बच्चे और सही दृष्टि वाले बच्चों के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा. लेगो ब्रिक्स के नए मॉडल में अक्षर, संख्या और चिन्ह छपे हुए होंगे. लेगो किट में 300 प्लास्टिक ब्रिक्स होंगी.

इसे भी पढ़ेंः World Sight Day 2020: घंटों कंप्यूटर पर काम करना हो सकता है आंखों के लिए नुकसानदायक, ऐसे दें आराम

क्या है लेगो खिलौना?लेगो एक तरह की पजल गेम होती है जिसमें प्लास्टिक की ईंटो (Bricks) को जोड़कर कई तरह की आकृतियां बनाई जाती हैं. लेगो के नए मॉडल की मदद से नेत्रहीन बच्चे ब्रेल वर्णमाला में अलग-अलग अक्षर और संख्या की पहचान कर उन्हें सीख सकेंगे. खिलौने बनाने वाली डेनिश कंपनी ने इस मॉडल को विकसित करने के लिए कई चैरिटी के साथ सहयोग किया है. इनमें से दो रॉयल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लाइंड पीपल (RNIB) और लियोनार्ड चेशायर (Leonard Cheshire) शामिल हैं. इस मॉडल का नेत्रहीन बच्चों के स्कूलों में पहले ही परीक्षण किया जा चुका है.

RNIB ने नेत्रहीन बच्चों को लेगो का इस्तेमाल सीखाने के लिए कुछ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया है. उन्होंने बताया कि यह मॉडल मुख्य रूप से चार साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए विकसित किया गया है लेकिन यह नया मॉडल माध्यमिक स्कूलों के स्तर के बच्चों के बीच भी बहुत लोकप्रिय हो रहा है. गार्जियन के अनुसार, कंपनी के मुताबिक, ऑडियोबुक्स और कंप्यूटर ऐप, ब्रेल लिपी सीखाने में ज्यादा मददगार साबित नहीं हो रहे हैं. आपको बता दें कि लेगो फाउंडेशन, लेगो ग्रुप की कमाई पर ही स्थापित किया गया है और इसका उद्देश्य वंचित बच्चों की मदद करना है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *