World Vision Day 2020: ऐसे करें आंखों की देखभाल, भारी पड़ेगी छोटी सी लापरवाही
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World Vision Day 2020: ऐसे करें आंखों की देखभाल, भारी पड़ेगी छोटी सी लापरवाही | health – News in Hindi

अमेरिकी विद्वान हेनरी डेविड थोरो ने एक बार कहा था, ‘आंख शरीर का आभूषण है.‘ यह सच है. आंखें दुनिया के लिए आपकी खिड़कियां हैं. और इसीलिए इनकी देखभाल करना महत्वपूर्ण है. जीवनशैली और रोजमर्रा के तनाव से झुर्रियां, लालिमा, सूखापन और काले घेरे हो सकते हैं. इससे गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं और दृष्टि भी जा सकती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 2.2 अरब लोग आंखों की समस्याओं से जूझ रहे हैं. ये लोग आंखों के खराब स्वास्थ्य से प्रभावित हैं, लेकिन तथ्य यह है कि इनमें से एक अरब मामलों को रोका जा सकता था. वास्तव में विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह अवलोकन भारत को एक मौका देता है कि वह अपनी खुद की दृष्टिबाधित आबादी पर ध्यान दे और जाने कि वह आंखों की समस्याओं संबंधी मामलों को रोकने और उनके इलाज के लिए क्या कर सकता है. सच तो यह है कि आंखों की देखभाल के लिए बहुत ज्यादा कुछ नहीं करना है. रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतों को अपनाएं, जिससे आंखों की समस्याओं और विकारों की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है.

आंखों में होने वाली सामान्य बीमारियां

  • आंख में खुलजी, जलन
  • पलक फंसना
  • कंजंक्टिवाइटिस
  • आंखों का सूखापन
  • आंखों में पानी आना
  • कॉर्निया में अल्सर
  • आंख में एलर्जी

सभी जरूरी विटामिन और मिनरल्स लें

आहार में रंगीन सब्जियां और फल जैसे पालक, ब्रोकली, गाजर और शकरकंद शामिल करें. इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें. ये खाद्य पदार्थ विटामिन, पोषक तत्व, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट का सबसे अच्छा स्रोत हैं और आंखों की अधिकांश समस्याओं व दृष्टि संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं.

हमेशा आंखों को बचाने वाला लैंस या चश्मा पहनें

चाहे घर के गार्डन में काम कर रहे हों या कॉन्टैक्ट लैंस पहने हुए हों, चोट के जोखिम से बचने के लिए हमेशा प्रोटेक्टिल आईवियर पहनना याद रखें. पॉली कार्बोनेट से बने आईवियर का उपयोग करें. ये आंखों को दुर्घटनाओं से बचा सकते हैं.

सनग्लासेस जरूरी हैं

धूप का चश्मा यानी सनग्लासेस सिर्फ स्टाइल या कूल लुक के लिए नहीं है. वे आंखों को हानिकारक यूवीए और यूवीबी किरणों से बचाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं. सूर्य की किरणों के संपर्क में आने से दृष्टि संबंधी कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि मोतियाबिंद. मैक्यूलर डिजनेरेशन के होने पर रेटिना क्षतिग्रस्त होने लगता है. इस समस्या के होने पर आपकी आंखों की देखने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होती है. ऐसे धूप के चश्मे चुनें जो कम से कम 99% यूवीए और यूवीबी किरणों को रोकते हों.

बार-बार आंखों को न छूएं

myUpchar के अनुसार यूं तो आंखों में एलर्जी के कई कारण होते हैं, लेकिन सबसे आम है उनको बार-बार छूना. आंखें संक्रमण के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं. आंखों को परेशान करने वाली कोई भी चीज दृष्टि को प्रभावित कर सकती है. आंखों को छूने से पहले आपको अपने हाथों को हमेशा साफ करना चाहिए. इसके अलावा, अपनी आंखों को सख्ती से न रगड़ें. इसके कारण कॉर्निया को नुकसान हो सकता है. यदि आपकी आंखों में कुछ हो गया है, तो उन्हें धो लें. और अगर समस्या बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

परिवार की हिस्ट्री के बारे में जानकारी रखें

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि आंख संबंधी कुछ समस्याएं, जैसे कि उम्र से संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन, ग्लूकोमा, रेटिना डिजनरेशन और ऑप्टिक ऐट्रफी वंशानुगत हैं. आपके परिवार के इतिहास के बारे में जानकारी आपको सावधानी बरतने में मदद कर सकती है.

myUpchar के अनुसार, आंख में कीचड़ आना भी एक बड़ी परेशानी है. इसमें आंख से एक पीला, चिपचिपा और पपड़ी युक्त पदार्थ निकलता रहता है. इसका सामान्य इलाज यही है कि आंखों को सुबह-शाम अच्छी तरह साफ पानी से साफ करें. यदि समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करें. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, आंख में एलर्जी क्या है, इसके कारण, लक्षण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)



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