World suicide prevention day 2021 know how to cope with suicidal thoughts nav
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World suicide prevention day 2021 know how to cope with suicidal thoughts nav

Coping With Suicidal Thoughts: हर साल 10 सिंतबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य आत्महत्या जैसी प्रवृति को रोकने के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है. साल 2003 में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन (IASP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मिलकर इसकी शुरुआत की थी. हर साल इस दिवस को मनाने के लिए आईएएसपी (IASP) 60 से अधिक देशों में सैकड़ों कार्यक्रम आयोजित करता है.

आज की भागदौड़ और टेंशन भरी लाइफ में कई लोगों के मन में कभी न कभी आत्महत्या (Suicide) के विचार आते हैं. यदि आपके मन में ऐसे विचार आ रहे हैं, तो जान लें कि आप अकेले नहीं हैं. आपको ये भी पता होना चाहिए कि खुद को नुकसान पहुंचना या खत्म करने जैसा महसूस करना कोई चरित्र दोष नहीं है, और न ही इसका मतलब यह है कि आप पागल या कमजोर हैं. यह केवल इस बात का संकेत देता है कि आप अभी जितना फेस कर सकते हैं, आप उससे कही अधिक दर्द या उदासी का अनुभव कर रहे हैं. पल भर में ऐसा लग सकता है कि आपका दुख कभी खत्म नहीं होगा लेकिन ये महसूस करना जरूरी है कि उचित मदद/हेल्प से आप खुद को खत्म करने जैसे बुरे ख्याल से दूर रह सकते हैं. अगर आपके मन में आत्महत्या जैसे विचार आ रहे हैं और आप उस पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें.

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आत्महत्या जैसे विचार से निपटना
याद रखें कि समस्याएं अस्थायी होती हैं लेकिन आत्महत्या स्थायी होती है. अपनी खुद की जान लेना कभी भी आपके सामने आने वाली किसी भी चुनौती का सही समाधान नहीं होता है. परिस्थितियों को बदलने और दर्द कम होने के लिए खुद को समय दें. इस बीच, जब भी आप के मन में आत्महत्या का विचार आए, तो आपको इन्हें रोकने के लिए अहम कदम उठाने चाहिए.

घातक चीजों को अपने से दूर करें
अगर आपको लगता है कि आपके मन में आत्महत्या (सुसाइड) जैसे विचार आ रहे हैं, या आ सकते हैं. और आपको चिंता है कि कहीं आप कुछ ऐसा न कर गुजरें, तो सबसे पहले ये करें कि अपने आसपास से किसी भी फायरआर्म (पिस्टल-गन), चाकू, या खतरनाक दवाओं को हटा दें. पूरी कोशिश होनी चाहिए कि ऐसी चीजों की आप तक पहुंच न हो.

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निर्देशानुसार दवाएं लें
कुछ एंटी डिप्रेशन दवाएं आत्महत्या के विचार के रिस्क को बढ़ा सकती हैं, खासकर जब आप उन्हें पहली बार लेना शुरू करते हैं. इसलिए जब तक आपका डॉक्टर आपको ऐसा करने के लिए न कहे, तब तक आपको अपनी दवाएं लेना बंद नहीं करना चाहिए और न ही अपनी खुराक में किसी तरह का कोई बदलाव करना चाहिए. यदि आप अचानक अपनी दवाएं लेना बंद कर देते हैं तो आपकी आत्महत्या की भावनाएं और भी बदतर हो सकती हैं.

आप विड्राल सिम्टम (withdrawal symptoms), मतलब सब कुछ छोड़ देने का भी अनुभव कर सकते हैं. यदि आप वर्तमान में जो दवा ले रहे हैं, उससे आपको कोई साइड इफेक्ट हो रहा है तो अपने डॉक्टर से उसके विकल्प के बारे में बात करें.

ड्रग्स और शराब से बचें
मुश्किल समय के दौरान ड्रग्स या शराब की ओर रुख करना लुभावना हो सकता है. हालांकि, ऐसा करने से आत्महत्या के विचार और भी बदतर हो सकते हैं. जब आप निराश महसूस कर रहे हों या आत्महत्या के बारे में सोच रहे हों, तो ऐसी चीजों को लेने से बचना ही सबसे जरूरी है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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