Depression in Women: पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हो सकती हैं डिप्रेशन की शिकार, जानें कारण और लक्षण
स्वास्थ्य

women are at more risk of depression than men know reason and symptoms samp | Depression in Women: पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हो सकती हैं डिप्रेशन की शिकार, जानें कारण और लक्षण

डिप्रेशन एक मानसिक समस्या है. जो आपकी सोच और जीवन देखने के नजरिये को एकदम बदल देती है. आपके अंदर सकारात्मकता की कमी होने लगती है और आप उदासी व दुख में फंसते जाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को डिप्रेशन होने का ज्यादा खतरा होता है. इसके पीछे एक्सपर्ट्स ने कुछ कारण बताए हैं. इन कारणों और महिलाओं के अंदर डिप्रेशन के लक्षणों (Depression in Women Symptoms) को जानते हैं.

ये भी पढ़ें: Stress Management: 5 तरीकों की मदद से तनाव को कहें ‘Bye-Bye’, जानें यहां

पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को क्यों है डिप्रेशन का खतरा? (Why Women are at more risk of depression)
आप सभी जानते हैं कि डिप्रेशन क्या है. इसमें बेसहारा, नाउम्मीद और महत्वहीन महसूस होने लगता है. WebMD के मुताबिक, यौवनावस्था यानी प्यूबर्टी हासिल करने से पहले लड़के-लड़कियों में डिप्रेशन का खतरा बराबर होता है. लेकिन जैसे ही लड़कियां प्यूबर्टी में प्रवेश करती हैं. वैसे ही उनके डिप्रेशन में जाने का खतरा ज्यादा हो जाता है. क्योंकि, डिप्रेशन एक मानसिक और हॉर्मोन से जुड़ी समस्या है और महिलाओं को जीवन में कई बार भावनाओं और हॉर्मोनल उतार-चढ़ाव से गुजरना होता है. जैसे- प्यूबर्टी, मासिक धर्म, गर्भावस्था, बच्चे का जन्म, रजोनिवृत्ति आदि. इन दौरान उनके अंदर मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले हॉर्मोन का स्तर बिगड़ता है. जिसके कारण महिलाओं को डिप्रेशन का खतरा पुरुषों से ज्यादा हो जाता है.

ये भी पढ़ें: Walking Meditation Benefits: चलते हुए मेडिटेशन कैसे करें, जानें दिलचस्प तरीका और फायदे

महिलाओं में डिप्रेशन होने के लक्षण (Symptoms of depression in women)
वेबएमडी के मुताबिक, महिलाओं में डिप्रेशन के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं. जैसे-

  • लगातार उदासी, चिंता या खालीपन का एहसास होना
  • यौन संबंधों में रुचि ना होना
  • थकान या चिड़चिड़ापन होना
  • अपराधबोध, महत्वहीन, नाउम्मीद, बेसहारा महसूस करना
  • ज्यादा या कम होना
  • बहुत ज्यादा या कम खाना
  • जीवन खत्म करने के विचार से जूझना
  • ध्यान लगाने में दिक्कत होना
  • सिरदर्द, पाचन खराब होना या शारीरिक दर्द से परेशान रहना, आदि

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *