बोलिविया के इस शहर में फर्जी और घातक दवा हो गई पॉपुलर, लोगों की जान पर बन आई
स्वास्थ्य

The fake and deadly drug became popular in this city, it became a people’s life | बोलिविया के इस शहर में फर्जी और घातक दवा हो गई पॉपुलर, लोगों की जान पर बन आई

लापाज: बोलिविया (Bolivia) के एक शहर में, जो कोरोना (Coronavirus) संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित है, एक जहरीले ब्लीचिंग एजेंट क्लोरीन डाइऑक्साइड (Chlorine dioxide) को लोगों ने कोविड 19 और बाकी बीमारियों के इलाज की दवाई मान लिया है. बोलिविया की हैल्थ मिनिस्ट्री ने चेतावनी भी जारी की थी, लेकिन कोचाबम्बा शहर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और इस राजधानी शहर में कम से पांच लोग क्लोरीन डाइऑक्साइड के जहर का शिकार हो गए.

इन पांच लोगों में से एक को ये गलतफहमी हो गई कि वो कोविड 19 पॉजीटिव है. जिसके बाद उसने क्लोरीन डाइऑक्साइड और एक पैरासाइट (परजीवी) संक्रमण की दवाई खा ली, जिससे उसे निमोनिया हो गया और फेफड़ों में सूजन आ गई. बता दें कि कोचाबम्बा में कोविड 19 से अब तक 440 मौतें दर्ज हुई हैं, जो बोलिविया में हुई कुल मौतों का एक चौथाई भाग है. 

बोलिविया का निचला सदन कांग्रेस जिस पर विपक्ष हावी है, वो क्लोरीन डाइऑक्साइड के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहा है. सीनेट ने कोरोना वायरस की रोकथाम और इलाज के लिए क्लोरीन डाइऑक्साइड की आपातकालीन मैन्युफैक्चरिंग, मार्केटिंग और सप्लाई को अधिकृत करने वाला बिल पिछले हफ्ते पास कर दिया. बिल को अंतरिम प्रेसीडेंट जीनिंग अनेज की मोहर लगना बाकी है, जो कोरोना वायरस पॉजीटिव पाए जाने के बाद क्वारंटीन हैं.

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विपक्ष की मजबूत पकड़ वाले कोचाबम्बा के तमाम खौफजदा निवासी क्लोरीन डाइऑक्साइड को आजमा रहे हैं. कोचाबम्बा स्टेट की गर्वनर के मुताबिक, वो कोविड 19 के इलाज के लिए क्लोरीन डाइऑक्साइड व एक पारम्परिक दवा की इजाजत देने के लिए एक स्टेट लॉ की योजना को अपना समर्थन देंगी. कोचाबम्बा के मेयर ने भी कहा है कि वो कोराना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मुफ्त क्लोरीन डाइऑक्साइड बांटने के हिमायती हैं.

लेकिन कोचाबम्बा साइंटफिक एसोसिएशन के प्रेसीडेंट ने कहा है कि ये पुरानी मान्यता है कि ये जहरीला पदार्थ चमत्कारी है और कैंसर, एड्स, मलेरिया और अन्य बीमारियों तक को ठीक कर देता है, लेकिन ‘ऐसी कोई साइंटिफिक स्टडी ऐसी नहीं हुई है कि ये कोई भी बीमारी ठीक कर सकता है’.

जब से कोरोना महामारी शुरू हुई है, क्लोरीन डाइऑक्साइड उन तमाम दवाओं में से एक हैं, जिसे इलाज के नाम पर ऑनलाइन प्रचारित किया गया है, अक्सर अतिवादी समूहों द्वारा. अप्रैल में साउथ फ्लोरिडा के एक संघीय जज ने कोलम्बिया के एक ग्रुप जेनेसिस सेकंड चर्च ऑफ हैल्थ एंड हीलिंग को कोरोना, ऑटिज्म और अन्य बीमारियों के इलाज के तौर एक मिराकल मिनरल सोल्यूशंस (MMS) की बिक्री पर रोक के आदेश दिए थे. यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन पहले ही पब्लिक वार्निंग जारी कर चुका है कि एमएमएस उबकाई, पलटी, दस्त और गंभीर रुप से डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं.

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