Masks reduce covid 19 deaths suggests study pra
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Masks reduce covid 19 deaths suggests study pra

Masks Reduce Covid 19 Deaths : दुनियाभर में कोरोना वायरस (Corona) खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा. कोरोना के इस नए वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron Variant) को अब तक का सबसे अधिक ट्रांसमिसिबल वेरिएंट (Highly Transmissible) माना जा रहा है. ऐसे में लोगों के मन में हजारों सवाल उठ रहे हैं और उन्‍हें फिर कोरोना का डर दहलाने लगा है. इस डर के बीच एक राहत देने वाली बात ये है कि एक शोध में यह पाया गया है कि कोविड-19 से होने वाली मौतों को कम करने में मास्‍क (Mask) काफी प्रभावशाली साबित हो रहा है.

डेक्‍कन हेराल्‍ड की एक खबर के अनुसार, यह दावा अमेरिका में छपे एक शोध में किया गया है. यह शोध 15 फरवरी से 31 मई 2020 के बीच दो महाद्वीपों के 44 देशों में किया गया और पाया गया कि जिन देशों ने मास्क को मेंडेजरी रखा, वहां कोविड-19 मृत्यु दर (Death Rate) काफी कम रही. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि नए वेरिएंट से बचाव में भी मास्‍क काफी हद तक लोगों को मौत से बचाने में कारगर है.

क्‍या कहता है शोध

अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसीन (American Journal of Preventive Medicine) ने इस अध्‍ययन को प्रकाशित किया है. प्रकाशित अध्ययन में पाया गया है कि बिना जनादेश वाले देशों की तुलना में सख्त मास्क का नियम मानने वाले देशों में कोविड-19 की मृत्यु दर काफी कम पाई गई. इस प्रक्रिया में लगभग एक अरब लोगों के बीच 15 फरवरी से 31 मई, 2020 के बीच दो महाद्वीपों में 44 देशों में मास्क जनादेश और कोविड-19 मृत्यु दर की जांच की गई. इसमें पाया गया कि बिना मास्क वाले देशों में प्रति मिलियन लोगों पर औसत कोविड-19 से होने वाली मृत्यु दर 288.54 थी. जबकि जिन देशों ने मास्क का उपयोग अनिवार्य रखा गया उनमें कोविड-19 मृत्यु दर केवल 48.40 देखी गई.

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विशेषज्ञों की राय

स्वीडन से प्रमुख इनवेस्टिगेटर सहर मोतलेबी (Sahar Motallebi) (एमडी, एमपीएच माल्मो) का कहना है कि इससे पहले कई अध्ययनों ने कोविड-19 मामलों पर मास्क के प्रभाव को देखा है लेकिन कम अध्ययनों ने इस बात पर ध्यान केंद्रित किया कि मास्क पहनने से कोविड-19 से मौत की दर में कमी आ सकती है या नहीं. उन्‍होंने बताया कि इससे पहले किसी भी अध्ययन में इतने अधिक देशों के डेटा पर ध्यान नहीं दिया था. उन्होंने बताया कि अध्ययन में विविध देशों की एक बड़ी आबादी शामिल है जो हमें कोविड-19 महामारी के दौरान मास्क की जीवन-रक्षक क्षमता के बारे में अधिक सबूत देती है. इस शोध में यूएनडीपी मानव विकास सूचकांक रैंकिंग के शीर्ष 50 देशों का सर्वेक्षण किया गया जिसमें न्‍यूजीलैंड, ऑस्‍ट्रेलिया, चिली, अर्जेटीना, अमेरिका और कनाडा को शामिल नही किया गया है. दरअसल इन देशों के नेशनल पॉलिसीज अन्‍य देशों की तुलना में अलग हैं, ऐसे में हर तरह के भेदभाव को दूर रखते हुए यह सर्वेक्षण किया गया है.

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एशिया और युरोप में मास्‍क का प्रभाव

यह शोध एशिया और यूरोप में बड़े पैमाने पर किया गया. इसके लिए 27 ऐसे देश चुने गए जहां मास्‍क पॉलिसी कंपल्‍सरी थी जबकि 17 ऐसे देश जहां मास्‍क पॉलिसी नहीं थी. पाया गया कि वैक्‍सीनेशन में देरी दुनिया भर में स्वास्थ्य प्रणालियों को चुनौती दे रही है और यह काम इस बात का सबूत है कि आबादी के फुल वैक्सिनेशन से पहले और बाद भी फेस मास्क कोविड -19 के खिलाफ प्रोटेक्‍शन का काम कर रहा है. अध्‍ययन में यह पाया गया कि वैक्‍सीन के दोनों डोज के बाद मौत में तो कमी आई, लेकिन यह कोरोना संक्रमण को पूरी तरह रोक नहीं सका. जबकि फेस मास्‍क किसी हद तक दोनों से बचाव करने में सक्षम पाया गया.

Tags: COVID 19, Health, Lifestyle, Omicron variant



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