Impact of brain aging would be less due to education study - पढ़ाई-लिखाई से कम होता ब्रेन एजिंग का असर
स्वास्थ्य

Impact of brain aging would be less due to education study – पढ़ाई-लिखाई से कम होता ब्रेन एजिंग का असर

Impact Of Education On Brain Aging: अच्छी शिक्षा और सीखने की सतत प्रवृत्ति (continuous learning tendency) आपको न सिर्फ करियर में सफल बनाती है, बल्कि बुढ़ापे में मेंटल हेल्थ (Mental Health) भी ठीक रखने में मददगार होती है. एक नई स्टडी में पाया गया है कि विद्वान लोगों का दिमाग उम्र से संबंधित संज्ञानात्मक (cognitive) और तंत्रिका संबंधी कमजोरियों की भरपाई करने में सक्षम होता है. यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख (University of Zurich) के साइंटिस्टों द्वारा की गई स्टडी इस बात पर फोकस किया गया कि क्या अच्छी शिक्षा बुढ़ापे में ब्रेन पर सकारात्मक प्रभाव डालती है. रिसर्चर्स ने इसके लिए 200 से ज्यादा वरिष्ठ लोगों का सात साल तक अध्ययन किया. इनमें से किसी को भी डिमेंशिया (Dementia) नहीं था और उनकी बौद्धिक क्षमता (intellectual ability) सामान्य औसत से ज्यादा थी और ये लोग सामाजिक रूप से काफी एक्टिव थे. नियमित अंतराल पर मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) के जरिए न्यूरोएनाटोमिकल और न्यूरोसाइकोलॉजिकल परीक्षण किए गए. जटिल सांख्यिकीय विश्लेषण (complex statistical analysis) के माध्यम से रिसर्चर्स ये दर्शाने में सफल रहे कि शिक्षा का उम्र संबंधी ब्रेन की शक्ति क्षरण (power loss) के मामले में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इस स्टडी के निष्कर्षों को न्यूरोइमेज: क्लिनिकल (NeuroImage: Clinical) में प्रकाशित किया गया है.

इसका पता लगाने के लिए स्टडी की राइटर इसाबेल होट्ज (Isabel Hotz) ने कथित कमी (लैकुनिज) और व्हाइट मैटर हाइपरइंटेसिटीज (white matter hyperintensities) की स्टडी के लिए विशिष्ट ऑटोमैटिक पद्धति (specific automatic method) का इस्तेमाल किया. क्षरण की यह प्रक्रिया (process of erosion) डिजिटल इमेज में ब्लैक होल औऱ व्हाइट स्पॉट के रूप दिखा है. हालांकि इसका सटीक कारण अभी पता नहीं चला है और हो सकता है कि ये बहुत ही सूक्ष्म व अज्ञात सेरेब्रल दौर, कम रक्त प्रवाह या नर्व्स के नुकसान के कारण होता हो. इससे व्यक्ति का संज्ञानात्मक प्रदर्शन (cognitive performance) सीमित हो जाता है, खासकर जब यह क्षरण ब्रेन के मुख्य भाग में होता है.

स्टडी से क्या पता चला
इसाबेल होट्ज (Isabel Hotz) ने आगे कहा कि 7 साल तक के फोलोअप स्टडी से पता चला कि जिन बुजुर्गों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि अच्छी थी, उनमें ब्रेन की क्षमता से जुड़े कारकों के क्षरण की दर कम थी. इतना ही नहीं, पढ़े-लिखे लोग किसी सूचना को अधिक तेजी और सटीकता से प्रोसेस कर सके. जैसे कि वे अक्षरों और संख्या की मैचिंग तेजी से कर सके. ये निष्कर्ष उस प्रारिंभिक निष्कर्ष से मेल खाता है, जिसमें रिसर्चर्स के अन्य समूह ने भी पाया था कि शिक्षा का ब्रेन एजिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

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क्या कहते हैं जानकार
इस स्टडी को लीड करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख (University of Zurich) में डायनोमिक्स ऑफ हेल्दी एजिंग प्रोग्राम (Dynamics of Healthy Aging Program) के तहत न्यूरोसाइकोलॉजी (Neuropsychology) के प्रोफेसर लुत्ज जैन्के (Lutz Jancke) का कहना है, ‘हमें अंदाजा है कि शिक्षा के उच्च स्तर से नर्व्स और संज्ञानात्मक नेटवर्क (cognitive network) मजबूत होता है और यह आगे के लिए सुरक्षित या रिजर्व रहता है. ऐसे में उनका ब्रेन बुढ़ापे में होने वाले किसी विकार या क्षरण की प्रतिपूर्ति करने में सक्षम होते हैं.

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इससे यह भी संभव है कि बुढ़ापे में ब्रेन ज्यादा एक्टिव रहकर आशंकित क्षरण की प्रक्रिया कम करता हो. हालांकि इसकी पुष्टि के लिए दीर्घावधिक स्टडी की जरूरत है. आगे की स्टडी के लिए इस रिसर्च का निष्कर्ष आधार का काम करेगा. रिसर्चर्स का मानना है कि शिक्षा के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक नया दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है.

Tags: Health, Health News, Mental health

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