How to boost memory power with home remedies mt
स्वास्थ्य

How to boost memory power with home remedies mt

Boost Memory Power: कई बार उम्र ज्यादा न होने के बावजूद कुछ लोग बहुत सी बातों, चीजों और कामों काे अकसर भूल जाते हैं. ऐसा याददाश्त (Memory) कमज़ोर होने की वजह से हो सकता है. जिसके कई कारण (Reason) हो सकते हैं, जैसे पोषण (Nutrition) की कमी या फिर कोई चोट या बीमारी. ऐसे में यहां हम आपको  याददाश्त बढ़ाने के कुछ घरेलू तरीके बता रहे हैं, जिनको अपनाकर आप इस दिक्कत से निजात पा सकते हैं. आइये जानते हैं इनके बारे में.

ये भी पढ़ें: कई दिक्कतों को दूर रखने में अहम रोल निभाती है जावित्री, जानिए इसके फायदे

सेब

याददाश्त बढ़ाने में सेब आपकी मदद कर सकता है. इसमें क्यूरसेटिन नाम का एंटी-ऑक्सीडेंट होता है. ये मस्तिष्क की कोशिकाओं काे नुकसान होने से बचाता है. दरअसल मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान होने से बौद्धिक क्षमता में काफी गिरावट आ सकती है. जिसको सही रखने में सेब अच्छी भूमिका निभाता है. ये पार्किंसन और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में भी मदद करता है.

फिश ऑयल सप्लीमेंट

फिश ऑयल सप्लीमेंट भी आपकी याददाश्त को बढ़ाने में काफी मदद कर सकते हैं. मछली का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड, इकोसपेंटेनोइक एसिड और डोकोसेहैक्सेनोइक एसिड से भरपूर होता है. ये फैट, तनाव और एंग्जायटी को कम करने और याददाश्त बढ़ाने का काम करते हैं.

ब्राह्मी

ब्राह्मी भी याददाश्त को बढ़ाने और बौद्धिक क्षमता में सुधार लाने के लिए जानी जाती है. याददाश्त को दुरुस्त रखने के काम को ये काफी आसान बनाती है. ब्राह्मी में बैकोसाइड और सिटग्मास्टेरोल जैसे कई बायोएक्टिव तत्व होते हैं, जो मस्तिष्क के कार्य करने की क्षमता में सुधार लाने में मदद करते हैं.

जिनसेंग

जिनसेंग को भी याददाश्त और बौद्धिक क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी बूटी के तौर पर जाना जाता है. इसमें जिनसेनोसाइड नाम का एक्टिव तत्व होता है जो नूट्रोपिक प्रभाव को बढ़ाने का काम करता है. ये मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संकेत भेजने में मदद करता है. जिसकी वजह से चीजों को याद रखने में मदद मिलती है.

ये भी पढ़ें: पेट दर्द और पाचन ठीक करने के अलावा भी हींग के हैं कई फायदे

शंखपुष्पी

शंखपुष्पी जड़ी बूटी में कई एंटीऑक्सीडेंट कंपाउड होते हैं. इसकी वजह से याददाश्त कमजोर होने की दिक्कत कम होती है. इसका इस्तेमाल तनाव, अनिद्रा और एंग्जायटी के इलाज में किया जाता है. ये मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संबंध को बढ़ाती है, जिससे मस्तिष्क के कार्य में सुधार आता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.