Health news dont ignore these infertility indication take your doctor advise deep
स्वास्थ्य

Health news to increase male fertility follow these tips deep

To Increase Male Fertility- स्पर्म की क़्वालिटी महिला की प्रेग्नेंसी की गुणवत्ता और होने वाले बच्चे की हेल्थ को प्रभावित कर सकती है. स्पर्म की गुणवत्ता से ही तय होती है कि महिलाओं की गर्भावस्था स्वस्थ रहेगी या नहीं. जब भी आप गर्भवती होने की कोशिश रही हों तो बेहतर मेल फर्टिलिटी का होना बहुत जरूरी है. इसके लिए पुरुष जिम्मेदार होते हैं. अगर पुरुषों का लाइफस्टाइल खराब होगा, तो स्पर्म की गुणवत्ता भी खराब होगी. इसलिए पुरुषों को अपने लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. पुरुष अपने लाइफस्टाइल में परिवर्तन कर और खान-पान में बदलाव कर अपनी फर्टिलिटी को बेहतर बना सकते हैं.  यहां पर कुछ ऐसे टिप्स दिए जा रहे हैं, जिनसे मेल फर्टिलिटी की समस्या को मात दिया जा सकता है.

वजन करें नियंत्रित – कम वजन या अधिक वजन होने का नकारात्मक प्रभाव स्पर्म पर पड़ सकता है, इसलिए ज़रूरी है ऐसा खाना खाएं जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन, अनाज और डेयरी का अच्छा मिश्रण हो.

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फॉलिक एसिड – फॉलिक एसिड केवल औरतों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि पुरुषों के लिए भी ज़रूरी है. कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन के अनुसार, जिन पुरुषों के आहार में फॉलिक एसिड का स्तर कम था, उनके स्पर्म की क्वालिटी अच्छी नहीं थी. अगर असामान्य गुणसूत्रों वाले शुक्राणु यानि स्पर्म अंडा को निषेचित करेगा, तो परिणाम गर्भपात भी हो सकता है.

शराब से रहें दूरी –  शराब का असर फर्टिलिटी पर पड़ता है. इसलिए इस दौरान शराब से दूर रहें.

डॉक्टर से कराएं जांच- गर्भ धारण करने की कोशिश करने से पहले एक गहन जांच से अपने स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता की जांच ज़रूर कराएं.

तनाव से बचें- तनाव असामान्य शुक्राणु को बढ़ा सकता है. अच्छी तरह सोना और खाना, नियमित रूप से व्यायाम करना तनाव को कम करेगा.

दवाइयों के बारे में डॉक्टर को बताएं – इससे पहले कि आप गर्भधारण करने की कोशिश शुरू करें, सभी दवाइयों की जानकारी डॉक्टर से जरूर शेयर करें ,चाहे विटामिन और हर्बल सप्लीमेंट ही क्यों न ले रहे हों.

टॉक्सिन से रहें दूर- अगर आप किसी केमिकल या फ़ैक्ट्री में काम करते हैं तो सतर्क रहने की जरूरत है. रासायनिक सॉल्वैंट्स जैसे जहरीले रसायन स्पर्म की क्वालिटी को प्रभावित कर सकते हैं.

अखरोट को करें शामिल- अक्टूबर 2013 में, बायोलॉजी ऑफ़ रिप्रोडक्शन पेपर्स-इन-प्रेस के लेख  लिखा था रोजाना 75 ग्राम अखरोट खाने से स्पर्म की गुणवत्ता और मोबिलिटी में सुधार होता है. अखरोट में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट, सूक्ष्म पोषक तत्व और अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) के कारण स्पर्म को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं.

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(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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