Health News increasing physical activity reduced mortality risk study
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Health News increasing physical activity reduced mortality risk study

Physical activity better for heart disease: एक नए अध्ययन (study) में दावा किया गया है कि मध्यम से कठिन फिजिकल एक्टिविटी (physical activity) नॉन कम्युनिकेबल डिजीज और मौत (non-communicable diseases and mortality) का जोखिम कम करने में बहुत ज्यादा मददगार है. अध्ययन में दावा किया गया है कि अगर शारीरिक गतिविधियों को नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल किया जाए तो हार्ट संबंधी बीमारियों से होने वाली मौत का जोखिम बहुत कम हो जाता है. पीएलओएस मेडिसीन (PLOS Medicin) जर्नल में प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया है कि जो लोग हार्ट संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए फिजिकल एक्टिविटी बेशकीमती दवा है. नीदरलैंड में रेडबॉन्ड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर (Radboud University Medical Center) के शोधकर्ताओं ने कहा कि स्वस्थ्य व्यक्ति में भी फिजिकल एक्टिविटी के असीमित फायदे हैं लेकिन जो लोग हार्ट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं उनके लिए तो फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होने की कोई उपरी सीमा नहीं है. फिजिकल एक्टिविटी के तहत वॉक करना, एक्सरसाइज करना, जिम में मेहनत करना आदि आते हैं.

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मौत की दर कम
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में नीदरलैंड के 1.67 लाख लोगों के मेडिकल डाटा का विश्लेषण किया. इसके लिए शोधकर्ताओं ने लोगों के विभिन्न स्वास्थ्य पैमानों की छानबीन की. आंकड़ों में देखा गया कि जो लोग शारीरिक गतिविधियों में भाग लेते थे, उनमें मौत की दर कितनी थी. बिना शारीरिक गितिविधियों में शामिल होने वाले हार्ट के मरीजों में मौत की दर कितनी थी. हेल्दी लोगों में मृत्यु दर कितनी थी या जो लोग कार्डियोवैस्लुकलर डिजीज से पीड़ित थे, उनमें मृत्यु दर कितनी थी.

इन सबके साथ फिजिकल एक्टिविटी के साथ तुलना की गई. मतलब कि फिजिकल एक्टिविटी करने वाले कितने हेल्दी लोगों की मौत किन कारणों से हुई और उनमें क्या क्या परेशानियां हुईं. दूसरी ओर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज वाले लोग जो फिजिकल एक्टिविटी करते थे या जो नहीं करते थे, उनमें मौत की दर क्या रही. इन सबका विश्लेषण करने के बाद पाया कि जो लोग फिजिकल एक्टिविटी में जितना अधिक भाग लेते थे, उन लोगों में मौत की दर उतनी ही कम थी, चाहे उन्हें हार्ट की बीमारी हो या नहीं हो.

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अभी और रिसर्च की जरूरत
शोधकर्ताओं ने बताया कि एक खास सीमा के उपर फिजिकल एक्टिविटी के फायदे का कुछ पता नहीं चल सका. शोधकर्ताओं को इस बात का कोई पता नहीं लगा कि हार्ट के मरीजों के लिए कितनी फिजिकल एक्टिविटी की जरूरत होती है. यानी शारीरिक गतिविधियों की उपरी सीमा का कोई साक्ष्य प्रमाण नहीं मिला जिसके आधार पर कहा गया कि एक सीमा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के फायदे का कोई अनुमान नहीं है. इस अर्थ में यह स्टडी अधूरा है. इसलिए अभी इसपर और रिसर्च करने की जरूरत है.

Tags: Health, Lifestyle



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