Health news How to identify the symptoms of vitamin D lak
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Health news How to identify the symptoms of vitamin D lak

Vitamin d deficiency symptoms: विटामिन डी (Vitamin D) बॉडी के लिए सबसे जरूरी विटामिनों में से एक है. हालांकि इसक नाम ही विटामिन है लेकिन इसका काम विटामिन से कहीं ज्यादा है. विटामिन डी खून में कैल्शियम (Calcium) और फॉस्फोरस (Phosphorous) को संतुलित रखता है. यानी खून (Blood) में कैल्शियम को न तो बढ़ने देता है न ही घटने देता है. विटामिन डी ही कैल्शियम का अवशोषण करता है जिसके बाद कैल्शियम बोन (Bone) को बनाने या इसकी मरम्मत करने में सक्षम हो पाता है. विटामिन डी ब्लड में शुगर (Sugar) की मात्रा को भी नियंत्रित करता है. विटामिन डी शरीर में ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) होने से बचाता है.

कई अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि विटामिन डी हाइपरटेंशन, कैंसर (Cancer) और कई ऑटोइम्यून डिजीज के जोखिम से भी बचाता है. यह सब इसलिए होता है क्योंकि विटामिन डी के कारण ही शरीर में इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ती है जो किसी भी तरह के रोग से लड़ने की क्षमता को विकसित करता है.

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क्यों सर्दी में विटामिन डी की कमी ज्यादा होती है
इतने सारे गुण होने के बावजूद सर्दी में विटामिन डी की कमी हो जाती है. मेडिकलन्यूज टूडे के मुताबिक विटामिन डी का अधिकांश हिस्सा सूरज से प्राप्त रोशनी से प्राप्त होता है. स्किन इस रोशनी को सिंथेसिस कर शरीर में काम के लायक बनाती है. विटामिन डी भोजन से बहुत कम हासिल किया जा सकता है. इसे कुछ हद तक कुछ विशेष प्रकार की मछली, मछली के लिवर का तेल, अंडे का यॉक और कुछ साबुत अनाज से प्राप्त किया जा सकता है. सर्दी में सूरज की रोशनी कम निकलती है और आमतौर पर लोग विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ के बारे में कम जानते हैं. यही कारण है कि सर्दी में अधिकांश लोगों को विटामिन डी की कमी हो जाती है.

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किन लोगों को है ज्यादा खतरा
ज्यादातर समय घर में बिताने वाले
वैसे तो सर्दी में ऐसे ही धूप कम हो जाती है लेकिन अधिकांश लोग सर्दी में जब धूप निकलती है तो बाहर नहीं निकलते. अक्सर ऐसे लोग घरों में रहते हैं.ऐसे लोगों को विटामिन डी का गंभीर खतरा हो सकता है.

डार्क स्किन
जिन लोगों की डार्क स्किन होती है उन्हें भी विटामिन डी की कमी का जोखिम रहता है क्योंकि इनकी स्किन में पिंगमेंट मेलानिन कम हो जाता है जिसके कारण सूरज की रोशनी से स्किन विटामिन डी को सिंथेसिस करने में असमर्थ हो जाती है. बुजुर्गों की स्किन भी डार्क हो जाती है, उस स्थिति में उन्हें भी विटामिन डी की कमी हो सकती है.

मोटापे में
मोटापे के कारण भी विटामिन डी की कमी हो सकती है. जिस व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स 30 से ज्यादा है उस व्यक्ति में अक्सर विटामिन डी की कमी होती है.

शरीर में कितना विटामिन डी होना चाहिए
विटामिन डी की कमी के लिए टेस्ट कराना पड़ता है. अगर प्रति मिलीलीटर ब्लड में 20 नैनोग्राम से 50 नैनोग्राम के बीच विटामिन डी है तो यह सही मात्रा है लेकिन अगर किसी के ब्लड में प्रति मिलीलीटर 12 नैनोग्राम से कम विटामिन डी है तो इसका मतलब है कि उसे तत्काल सप्लीमेंट की जरूरत है.

Tags: Health, Lifestyle

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