Existing drugs reverse alzheimers in mice claims of common treatment with bp and burn drugs nav - अल्जाइमर के इलाज में कारगर हैं बीपी और जलन की दवाइयां
स्वास्थ्य

Existing drugs reverse alzheimers in mice claims of common treatment with bp and burn drugs nav – अल्जाइमर के इलाज में कारगर हैं बीपी और जलन की दवाइयां

Existing Drugs Reverse Alzheimer’s in Mice : बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त से जुड़ी बीमारी अल्जाइमर (Alzheimer’s) या उससे जुड़ी डिमेंशिया (Dementia) से दुनियाभर में बुजुर्गो की बड़ी आबादी प्रभावित होती है. एक अनुमान के अनुसार, दुनियाभर में करीब ढाई करोड़ लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. इस बीमारी का अभी तक न तो कोई सटीक कारण और न ही इलाज सामने आया है. ऐसे में इस बीमारी को लेकर रिसर्च लगातार जारी है. इसी फेहरिस्त में स्पेन के बार्सिलोना (Barcelona) स्थित स्ट्रक्चरल बायोइन्फारमैटिक्स एंड नेटवर्क (Structural Bioinformatics & Networks) के प्रमुख शोधकर्ता डॉ.पैटिक अलॉय (Dr. Patrick Alloy) के नेतृत्व में की गई नई स्टडी में चूहों पर किए गए प्रयोग में  अल्जाइमर  (Alzheimer’s) के लक्षणों को रिवर्स (पलट देने) करने में कामयाबी का दावा किया गया है. इस स्टडी को जीनोम मेडिसिन (Genome Medicine) नाम जर्नल में प्रकाशित स्टडी में इंसानों के हाइपरटेंशन (High blood pressure) या इन्फ्लेमेशन (जलन या सूजन) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सामान्य दवाओं का प्रयोग किया गया है.

दवाओं के इफैक्ट का टेस्ट
रिसर्च करने वालों (Researchers) ने मार्केट में पहले से मौजूद दवाओं के जरिये कोशिकीय स्तर (cellular level) पर बीमारी की स्थिति में संबंधित प्रोटीन की एक्टिविटी को रिवर्स करने की कपैसिटी को जांचने के लिए केमिकल चेकर (chemical checker) का यूज किया. इस टूल के जरिये चार दवाओं के चूहों के विभिन्न मॉडलों पर असर की जांच की. इन दवाओं में दो नॉन-स्टेरॉयडल एंटी इंफ्लेमेटोरीज (Non-Steroidal Anti Inflammatories) और दो एंटी-हाइपरटेंसिव (anti-hypertensive) दवाएं थीं और ये चारों दवाएं चूहों में अल्जाइमर (Alzheimer’s) के लक्षणों को निष्क्रय (inactive) करने में सफल रहीं.

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रिसर्चर्स के मुताबिक, ये रिजल्ट इलाज का तरीका बदल सकता है. साथ ही इससे अल्जाइमर के अलग अलग फेज की सिचुएशन या लक्षण का जल्द पता लग सकेगा. डॉ.पैटिक अलॉय (Dr. Patrick Alloy)  ने कहा कि महामारी विज्ञान के अध्ययन (epidemiological studies) में भी इस बात के संकेत मिले कि जिन लोगों ने नियमित तौर पर एंटी-इन्फ्लेमेटोरी दवाएं लीं, उनमें अल्जाइमर की परेशानी कम थी, लेकिन इसका किसी खास दवा या तंत्र (Mechanism) के साथ जुड़ाव स्थापित नहीं किया जा सका.

कैसे की गई स्टडी
डॉ.पैटिक अलॉय (Dr. Patrick Alloy)  के नेतृत्व में की गई इस स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने अल्जाइमर (Alzheimer’s) रोग को तीन स्टेज- प्रारंभिक (इनिशियल), मध्यवर्ती (इंटरमीडिएट) और विकसित (एडवांस्ड) में बांटा. हर एक स्टेड में प्राणी का व्यवहार, ब्रेन पर असर और जीन अभिव्यक्ति व प्रोटीन के लेवल की मॉलीक्यूलर स्टडी की गई. इस मेथड के जरिए रिसर्चर्स ने बूढ़े हो रहे हेल्दी व्यक्ति में रोग के बढ़ने के क्रम में होने वाले बदलावों की सापेक्ष तुलना की.

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स्टडी में क्या निकला
इस स्टडी में पाया गया कि अल्जाइमर (Alzheimer’s) में कुछ लक्षण तो बढ़ती उम्र के साथ होने वाले बदलावों से मेल खाते हैं, लेकिन यह बीमारी एजिंग (बढ़ती उम्र) से अलग हटकर भी असर पैदा करती है. डॉ.पैटिक अलॉय ने कहा कि इस रोग का कारण कुछ विशिष्ट प्रकार के प्रोटीन का जमा होना भी है. लेकिन कुछ एक मामलों में इस प्रोटीन के ज्यादा बनने के बजाय उसके निस्तारण यानी रिमूवल की प्रक्रिया में खामी होने के कारण बीमारी होती है.

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