Diet plan for changing season-Health news If you want to ward off seasonal affective disorder change your diet plan lak
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Diet plan for changing season-Health news If you want to ward off seasonal affective disorder change your diet plan lak

Diet plan for changing season: सर्दियों का मौसम आने वाला है. मौसम बदलने के साथ ही कुछ लोगों का मूड बदलने लगता है, इसे सीजनल अफेक्टिंग डिसऑर्डर (Seasonal affective disorder-SAD) कहते हैं. इस तरह की परेशानियों में व्यक्ति असहाय महसूस करने लगता है और किसी चीज पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है. इसके अलावा थकान और अंततः व्यक्ति अवसाद की ओर चला जाता है. हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक कुछ दवाइयां, टॉक थेरेपी, एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट से सीजनल अफेक्टिंग डिसॉर्डर को ठीक किया जा सकता है. मौसम बदलने के साथ ही इंसान की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी भी कमजोर होने लगती है. इस मौसम में अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना बहुत जरूरी है. हालांकि कोरोना काल में लोग अपनी इम्यूनिटी पर विशेष ध्यान रख रहे हैं, लेकिन मौसम में बदलाव को लेकर हमें पहले से सतर्क रहने की जरूरत है. यहां हम कुछ हेल्दी डाइट के बारे में बता रहे हैं.

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ओमेगा 3 फैटी एसिड
सर्दी का मौसम आने से पहले डाइट में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा को बढ़ा देनी चाहिए. ओमेगा 3 फैटी एसिड मूड स्विंग से बचाने में बहुत फायदेमंद है. यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड का उच्च स्तर अवसाद को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मछली, अखरोट, अलसी के बीज, सेलमॉन मछली में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है.

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बैरीज
ब्लूबेरी, रस्पबेरी और स्ट्रॉबेरी को मुख्य रूप से बैरीज कहा जाता है. भारत में जामुन इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है. अध्ययन में यह प्रमाणित हो चुका है कि बैरीज के सेवन से तनाव के कारण होने वाले अवसाद को कम किया जा सकता है. बैरीज एडरीनल ग्लैंड से कार्टिसोल हार्मोन को रिलीज करने में सहायक है. कार्टिसोल ब्रेन के हिप्पोकैंपस को सक्रिय करता है. हिप्पोकैंपस में ही याददाश्त स्टोर रहता है. कार्टिसोल के कारण भावनात्मक रूप से लोग मजबूत होते हैं.

फोलिक एसिड
रिसर्च में यह कहा गया है कि फोलिक एसिड ब्रेन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जिससे मूड स्विंग नहीं होता. जब बॉडी में सेरोटोनिन (serotonin) बनने लगता है, तब यह मूड को प्रभावित करता है. फॉलिक एसिड सेरोटोनिन के स्तर को नियंत्रित करने में मददगार है. हरी पत्तीदार सब्जियां, ओट्समील, सूरजमूखी के बीज, संतरे, अनाज आदि में फॉलिक एसिड पाया जाता है.

लहसुन
कच्चे लहसुन का सेवन शरीर के काफी फायदेमंद है. सर्दी आते ही बुजुर्ग इसका सेवन बढ़ा देते हैं. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है. लहसुन में पर्याप्त मात्रा में एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम और विटामिन ए और ई पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं.

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