Desi Ghee for Diabetic Patient - Should diabetic patients eat desi ghee or not Know what experts say nav
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Desi Ghee for Diabetic Patient – Should diabetic patients eat desi ghee or not Know what experts say nav

Desi Ghee for Diabetic Patient : खराब लाइफस्टाइल का सबसे बुरा परिणाम है डायबिटीज (Diabetes). जब हमारा खान-पान सही नहीं होता तो हमारे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है, इसी से डायबिटीज हो जाती है. डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इसे लेकर हमेशा सतर्क रहना होता है. शुगर कम लेनी है, शुगर की मात्रा जिन चीजों में है उनका सेवन भी नहीं के बराबर ही करना है. तेल मसाले आदि से बचना है, लेकिन देसी घी का क्या करें? क्या शुगर में देसी ले सकते हैं?

ओनली माइ हेल्थ डॉट कॉम के अनुसार, देसी घी में स्‍वस्‍थ फैट होता है, जो आपके खाने में मौजूद पोषक तत्‍वों को नष्‍ट नहीं होने देता. और इसी प्रोसेस के कारण ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है. वेबसाइट ने लखनऊ के वेलनेस डाइट क्‍लीन‍िक की डायटीश‍ियन (Dietician) डॉ स्‍म‍िता सिंह (Dr. Smita Singh) से इस विषय पर बात की है.

देसी घी गट हार्मोन के लिए बेहतर
डायटीश‍ियन डॉ स्‍म‍िता सिंह का कहना है कि डायब‍िटीज के मरीज खाने में देसी घी ले सकते हैं. लेकिन इसकी मात्रा ज्यादा ना होने पाए. लिमिट में देसी घी का सेवन करें तो डायब‍िटीज पर इसका कोई असर नहीं पड़ता. डॉ स्‍म‍िता सिंह के मुताबिक घी खाने से गट हार्मोन (Gut hormones) की फंग्‍शन‍िंग बेहतर होती है और गट हार्मोन, इंसुलिन हार्मोन को बेहतर करता है, ज‍िससे डायब‍िटीज कंट्रोल रहती है.

कोलेस्‍ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल में रहेगा
डॉ स्‍म‍िता सिंह के अनुसार, आप अगर देसी घी का यूज करें तो कोलेस्‍ट्रॉल लेवल भी कंट्रोल रहेगा. कई डायट‍ीश‍ियन के मुताब‍िक, देसी घी का इस्‍तेमाल फायदेमंद होता है, वहीं कुकिंग ऑयल हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है. ब्‍लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए आप रिफाइंड या किसी भी तरह के तेल की जगह देसी घी का इस्‍तेमाल करें.

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हाई ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करता है देसी घी
डायटीश‍ियन डॉ सिंह के अनुसार, घी में फैटी एस‍िड मौजूद होता है, जो हाई ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने का काम करता है पर आपको इस बात का खास खयाल रखना है क‍ि गाय का घी ही खाएं. पाचन तंत्र के ल‍िए भी घी फायदेमंद होता है. आप रोजाना घी की सही मात्रा लें, तो कब्‍ज की समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं.

द‍िल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम
डॉ सिंह आगे बताती है कि घी में व‍िटामि‍न की मात्रा मौजूद होती है और उसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स भी होते हैं जो क‍ि आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं. इम्‍यून‍िटी बढ़ने से डायब‍िटीज का खतरा कम होता है और घी का सेवन करने से डायब‍िटीज भी कंट्रोल में रहती है. अगर आप डायब‍िटीज के मरीज हैं तो आपको द‍िल की बीमारी होने की आशंका ज्‍यादा होगी, पर देसी घी में ल‍िनोलेइक एस‍िड होता है, ज‍िससे द‍िल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.

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अपनी डाइट में शामिल करें देसी घी
रिपोर्ट में डायटीश‍ियन डॉ. सिंह का कहना है कि अगर आपको डायब‍िटीज है या डायब‍िटीज के लक्षण नजर आ रहे हैं तो खाना बनाने के तेल यूज पूरी तरह से बंद कर दें. अगर आप पराठे के ल‍िए तेल की जगह आधा चम्‍मच घी का इस्‍तेमाल करें. पराठे को हेल्‍दी बनाने का तरीका ढूंढ रहे हैं तो आप पराठा सूखा सेक लें और उस पर आधा चम्‍मच घी डाल दें. वहीं सब्‍जी को पकाने के ल‍िए आप घी का इस्‍तेमाल करें.

ये कभी ना करें
डायबिटीज के मरीजों को एक्‍सट्रा फैट लेने से भी बचना चाह‍िए, जैसे कुछ लोग दाल में एक्‍सट्रा घी ऊपर से डालकर खाते हैं, लेकिन अगर आप डायब‍िटीज के मरीज हैं, तो ऐसा करने से बचें. बेशक देसी घी हमारी सेहत के ल‍िए फायदेमंद होता है पर इसका ज्‍यादा सेवन न करें, आपको एक द‍िन में दो चम्‍मच से ज्‍यादा घी का सेवन नहीं करना चाह‍िए

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