Corona: लॉकडाउन में लोगों के दिल की सेहत में आया सुधार, कम हुए मरीज : स्‍टडी
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Corona: लॉकडाउन में लोगों के दिल की सेहत में आया सुधार, कम हुए मरीज : स्‍टडी | health – News in Hindi

एक स्‍टडी के मुताबिक लॉकडाउन में लोगों केे दिल की सेहत में सुधार हुआ है.

कोरोवायरस (Corona virus) की वजह से लगे लॉकडाउन में लोगों के दिल की सेहत में सुधार हुआ है. इसकी वजह यह भी है कि इस दौरान लोग जंक फूड, तला-भुना और हाई-कोलेस्ट्रॉल फूड (Processed and Packaged Foods) से दूर रहे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 4, 2020, 10:04 AM IST

कोरोनावायरस (Corona virus) के कारण सुरक्षा के मध्येनजर दुनिया भर में लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति पैदा हुई जिससे लोगों की जिंदगी थम सी गई. ऐसे में लोगों के लिए घरों में ठहरना ही बचाव का एकमात्र उपाय माना गया. वायरस (Coronavirus) के डर से तकरीबन तीन महीने घरों में कैद रहने के कारण लोगों के लाइफस्टाइल lifestyle में भी बड़ा परिवर्तन आया. इस दौरान यातायात प्रदूषण में भी बड़ी गिरावट आई. अब एक अध्ययन के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से लोगों की दिल की सेहत में बड़ा सुधार देखने को भी मिला है. आइए जानते हैं कैसे.

हृदय संबंधी समस्याओं में आई बड़ी गिरावट
हेल्दियंस ( Healthians ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान उच्च कोलेस्ट्रोल (High Cholesterol) वाले लोगों की संख्या में 22.3 फीसदी की कमी आई है. अध्ययन 2020 की तीसरी तिमाही और साल 2019 की अंतिम तिमाही के दौरान 50,000 से अधिक नमूनों से एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित है. अध्ययन के दौरान सटीक विश्लेषण करने के लिए पुरुषों और महिलाओं के बीच नमूनों को समान रूप से विभाजित किया गया था. परिणामस्वरूप महिलाओं की तुलना में उम्रदराज पुरुषों की दिल की सेहत में बड़ा सुधार देखने को मिला है. दिल के मरीजों में महिलाओं में 17.2 फीसदी और पुरुषों में 25.5 फीसदी की कमी आई है. अध्ययन में इसका कारण कोरोवायरस की वजह से लगे लंबी अवधि के लॉकडाउन को माना जा रहा है.

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अध्ययन में पाया गया कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को जंक फूड, तला-भुना और हाई-कोलेस्ट्रॉल फूड (Processed and Packaged foods) से वंचित होना पड़ा. साथ ही उनकी खाने-पीने की आदतों से लेकर उनके लाइफस्टाइल में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला, लेकिन लॉकडाउन में लोगों की दिल की सेहत में बड़े सुधार का कारण जंक फूड की कमी को माना जा रहा है.

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उचित मात्रा में लें वसायुक्त चीजें
हेल्दीयंस के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल एक वसीय (Fat) पदार्थ है, जो शरीर को हार्मोन्स, विटामिन डी और स्वस्थ कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है. शरीर अपने आप आवश्यक कोलेस्ट्रॉल बनाता है, लेकिन इसकी मात्रा बढ़ने से यह धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है, जो कि हार्ट अटैक का कारण बनता है. इसलिए ह्दय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए उचित मात्रा में ही वसायुक्त चीजों का सेवन करना चाहिए.

उम्रदराज लोगों की सेहत में आया सुधार
अध्ययन में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि लॉकडाउन के दौरान 20, 30 और 40 साल की उम्र के वर्ग के लोगों की तुलना में 50 और उससे ऊपर की उम्र के वर्ग के लोगों में हृ्दय संबंधी समस्याओं में बड़ी गिरावट आई है. इसका सबसे बड़ा कारण कोलेस्ट्रॉल की कमी को ही माना जा रहा है. हेल्दीयंस के संस्थापक और सीईओ दीपक साहनी ने बताया ‘लॉकडाउन के दौरान लोगों के खाने-पीने की चीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिला जिसके कारण उन्हें हृदय संबंधी समस्याओं के साथ-साथ कई अन्य बीमारियों से भी राहत मिली है.’

छोटे शहरों में देखने को मिला बड़ा असर
डोरस्टेप हेल्थ सोल्यूशन प्रोवाइडर (Doorstep Health Solutions Provider) की रिपोर्ट के अनुसार छोटे शहर जैसे जयपुर, अमृतसर, कानपुर और जालंधर में लोगों की हृदय संबंधी समस्याओं में बड़ा सुधार देखा गया है. यहां दिल के मरीजों की संख्या में बड़ी गिवारट आई है. इसका एक बड़ा कारण बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों में जंक और प्रोसेस्ड फूड की भारी कमी को माना जा रहा है.



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