Aiia will distribute 1 lakh bal raksha kit in delhi schools in january 2022 to protect children from corona dlpg
स्वास्थ्य

Aiia will distribute 1 lakh bal raksha kit in delhi schools in january 2022 to protect children from corona dlpg

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) का खतरा बढ़ता जा रहा है. वहीं अब बड़ों के साथ ही बच्‍चे भी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं. हाल ही में महाराष्‍ट्र और छत्‍तीसगढ़ सहित कई राज्‍यों में स्‍कूलों में कोरोना का आउटब्रेक (Corona Outbreak) हुआ है. जहां दर्जनों बच्‍चे कोरोना से संक्रमित मिले हैं. बच्‍चों को लेकर अभिभावक भी चिंतित हैं और बचाव के रास्‍ते तलाश रहे हैं. हालांकि कोरोना के किसी भी वेरिएंट के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान (AIIA) लगातार काम कर रहे हैं. बच्‍चों के लिए एआईआईए की ओर से बाल रक्षा किट (Bal Raksha Kit) बनाई जा रही हैं जिन्‍हें अब बच्‍चों तक पहुंचाया जाएगा.

ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (All India Institute of Ayurveda) की निदेशक डॉ. तनुजा नेसारी ने न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में बताया कि देश में कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) और इसमें बच्‍चों के प्रभावित होने की आशंका के चलते आयुष मंत्रालय के अंतर्गत दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बाल रक्षा किट बनाई है. फिलहाल एक लाख बाल रक्षा किट तैयार हो रही हैं जिन्‍हें जनवरी 2022 में बच्‍चों में बांटा जाएगा. ये किट बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाने में मदद करती है ताकि संक्रमण होने पर भी बच्‍चों को सुरक्षित रखा जा सके. यह किट इसलिए भी खास है कि बच्‍चों को सीधे तौर पर काढ़ा या अन्‍य कोई दवा लेने में दिक्‍कत होती है, ऐसे में काढ़े को मीठे सिरप की शक्‍ल में तैयार किया गया है, साथ ही इसमें ऐसी मुनक्‍का आदि की मात्रा को थोड़ा बढ़ाया गया है ताकि बच्‍चे आसानी से ले लें.

डॉ. नेसारी कहती हैं कि अभी भी बच्‍चों को कोरोना की वैक्‍सीन नहीं लगी है, ऐसे में संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए उपाय करना जरूरी है. ताकि टीकाकरण न होने की स्थिति में संक्रमण होने पर भी रोग की गंभीरता को कम किया जा सके. इस किट को पूरी सावधानी के साथ बनाया गया है, यह एक इम्‍यून बूस्‍टर है और इसे घर पर तो नहीं बनाया जा सकता लेकिन यह बाहर उपलब्‍ध होगी. आयुष मंत्रालय के अधीन ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग यूनिट इंडियन मेडिसिंस फार्मास्‍यूटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) इस किट को तैयार कर रही है. दिल्‍ली में आयुर्वेद डे पर 10 हजार किट बांटी गई थीं लेकिन अब एक लाख किट तैयार की जा रही हैं.

क्‍या है बाल रक्षा किट
डॉ. नेसारी कहती हैं कि इस किट प्रमुख आयुर्वेदिक चीजों को शामिल किया गया है. ये सर्दी, खांसी जुकाम में कारगर होने के साथ ही शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है. इस किट में गिलोय वटी, अणु तेल, च्‍यवनप्राश, सिरप या काढ़ा, सितोपलादि चूर्ण रखा गया है. वहीं इसमें जो काढ़ा या सिरप रखा गया है उसे मुनक्‍का, मुलेठी, तुलसी, गिलोय, दालचीनी, अश्‍वगंधा आदि मिलाकर बनाया गया है. यह किट 16 साल तक के बच्‍चों को ध्‍यान में रखते हुए तैयार की गई है. वहीं इस उम्र तक के बच्‍चों को अभी भारत में वैक्‍सीन (Vaccine) भी नहीं लगी है. ऐसे में यह किट उन्‍हें सुरक्षा प्रदान करेगी.

स्‍कूलों में मुफ्त बांटी जाएंगी बाल रक्षा किट
डॉ. नेसारी कहती हैं कि नए साल 2022 के पहले महीने में दिल्‍ली के सरकारी स्‍कूलों में एक लाख बाल रक्षा किट मुफ्त बांटी जाएंगी. धीरे-धीरे किट की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग को बढ़ाया जा रहा है. फिलहाल ये किट दिल्‍ली के स्‍कूलों को बांटी जाएंगी. इस दौरान बच्‍चों को बताया जाएगा कि अगर वे इस किट का नियमित इस्‍तेमाल करते हैं तो काफी हद तक वायरस का मुकाबला करने के लिए तैयार हो सकते हैं. ये किट सरकारी अस्‍पतालों के अलावा ऑनलाइन पोर्टल या प्‍लेटफॉर्मों और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र जैसे स्‍टोर पर भी उपलब्‍ध रहेगी. ऐसे में अन्‍य लोग वहां से इन किटों को खरीद सकेंगे.

Tags: Children Vaccine, Corona Virus, New year, Omicron, Vaccines for Children

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