AI तकनीक से बनी नई MRI मशीन से 20 सेकंड में चलेगा हार्ट डिजीज का पता- स्टडी
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AI तकनीक से बनी नई MRI मशीन से 20 सेकंड में चलेगा हार्ट डिजीज का पता- स्टडी

AI tool which detects heart disease in just 20 Seconds : अमेरिका में हर साल 12 लाख से ज्यादा लोग हार्ट डिजीज (Heart Disease) के चलते एमआरआई (MRI) कराते हैं. एमआरआई कराने में भी 45 से 90 मिनट तक का टाइम लगता है, लेकिन ब्रिटिश साइंटिस्ट्स ने ये समय कई गुना कम कर दिया है. डेली मेल में छपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन हार्ट फाउंडेशन (British Heart Foundation) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) टेक्नोलॉजी का यूज करते हुए एक ऐसी एमआरआई मशीन डिजाइन की है, जिसकी मदद से महज 20 सेंकड में ही किसी भी तरह की हार्ट डिजीज या ब्लॉकेज का पता लगाया जा सकता है. खास बात ये है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए सामान्य चेकअप के मुकाबले 13 मिनट तक समय बचेगा. साथ ही 40 गुना अधिक सटीकता से हार्ट का पूरा स्कैन हो सकता है. इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अभी लंदन यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल में किया जा रहा है. वहां हर हफ्ते 140 हार्ट पेशेंट्स की जांच की जा रही है.

इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे डॉक्टर रॉड्री डेविस (Dr Rhodri Davies) ने बताया कि जटिल हार्ट सरंचनाओं का आसानी से पता लगाकर उनका इलाज किया जा रहा है. इस तकनीक के जरिए डॉक्टरों ने ऑपाइंटमेंट में लगने वाला टाइम घटेगा.

क्या कहते हैं जानकार
डॉक्टर्स ने बताया कि एआई को 9 अलग-अलग स्थितियों से एमआरआई स्कैन का उपयोग करके विकसित किया गया है. इसमें हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरट्रॉफिक, कार्डियोमायोपैथी, हार्ट की मसल्स का कमजोर होने का पता लगना शामिल है. इस स्टडी का निष्कर्ष ‘जर्नल ऑफ कार्डियोवैस्कुलर मैग्नेटिक रिसोनेंस (Journal of Cardiovascular Magnetic Resonance)’ में प्रकाशित किया गया है.

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कैसे काम करती है यह मशीन?
डॉ. रॉड्री डेविस के अनुसार, नई एमआरआई मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस है. एआई की मदद से दिल की जटिल संरचना को भी समझा जा सकता है. ये मशीन AI की मदद से हार्ट की जटिल से जटिल संरचना को तेजी के साथ स्‍कैन कर लेती है. हार्ट को स्‍कैन करके सटी‍क परिणाम देती है. इस मशीन की मदद से डॉक्‍टर्स को अब जांच के लिए घंटों नहीं बिताने होंगे.

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इस मशीन का इस्‍तेमाल यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल (UCLH) में रोजाना दिल के 140 मरीजों पर किया जा रहा है. दावा किया गया है कि यह मशीन सामान्‍य एमआरआई मशीन के मुकाबले 40 फीसदी ज्‍यादा सटीक नतीजे देती है.  UK में हर साल 1,20,000 हार्ट MRI कराई जाती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि नए टूल की मदद से मरीजों की वेटिंग को कम किया जा सकेगा और उन्‍हें समय पर इलाज मिल सकेगा.

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