Hindi News - News18 हिंदी
स्वास्थ्य

हेल्दी डाइट लेने पर भी हमारे शरीर में कैसे बन जाता है डाइजेस्टिव टॉक्सीन / How does digestive toxin get made in our body even after taking a healthy diet– News18 Hindi

Digestive Toxins: नॉन एक्टिव लाइफस्टाइल, अनियमित नींद लेना, खाने की आदतें और जंक फूड के सेवन से भी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. जबकि हम में से बहुत से लोग पाचन संबंधी तकलीफों जैसे जलन, गैस, एसिडिटी, कब्ज आदि के बारे में जानते हैं लेकिन इसके साथ ही पाचन से जुड़े विषाक्त पदार्थों (Digestive toxins) के बारे में जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. आप इस रिपोर्ट में आग पढ़ेंगे कि ये डाइजेस्टिव टॉक्सिन्स किसी के मेटाबॉलिज्म और पूरी हेल्थ पर कैसे कहर बरपा सकते हैं.

इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट में आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर गीता वारा बताती हैं कि इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि भले ही कोई व्यक्ति हेल्दी और बैलेंस डाइट लेता है, फिर भी उनका शरीर डाइजेस्टिव टॉक्सिन्स का निर्माण कर सकता है.

यह भी पढ़ें- कोरोना महामारी ने नौकरी के साथ-साथ मेंटल हेल्थ को भी पहुंचाई चोट!

उनका कहना है, “शरीर में डाइजेस्टिव टॉक्सिन्स में बढ़ोतरी सिर्फ बहुत सारे खराब या जंक फूड खाने के कारण नहीं है. अपनी प्रैक्टिस में मैं कई ऐसे मरीजों को देखती हूं, जो स्वस्थ और संतुलित आहार लेते हैं लेकिन फिर भी डाइजेस्टिव टॉक्सिन्स के निर्माण के प्रकोप से नहीं बच पाते हैं. ऐसा क्यों है? दरअसल, हमारी बुरी आदतों के कारण भी शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ जाते हैं.”

अपने एक इंस्टाग्राम वीडियो में गीता वारा बताती हैं.

ये वो कुछ उदाहरण जिनका उन्होंने उल्लेख किया है.

भूख न लगना
भूख न लगना आपके शरीर को यह बताने का तरीका है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम (पाचन तंत्र) भोजन पचाने के लिए एक्टिव नहीं है और इसलिए बेमन से खाने के बाद भी यह सही से पचता भी नहीं है. इसलिए कई बार स्वस्थ भोजन भी शरीर में टॉक्सिक में बदल सकता है.

कच्चा और ठंडा खाना
अगर हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो तो कच्चे और ठंडे खाद्य पदार्थों को पचाना मुश्किल हो जाता है. इससे अपच, आंतों में गड़बड़ी आदि हो जाती है.

अपच
अपच या कब्ज होने पर खाने का मतलब है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम पहले से ही संघर्ष कर रहा है. अपने सिस्टम को ब्रेक दें.

खाने के साथ बहुत अधिक पानी
हमारे खाने को पचाने के लिए हमारी पाचन अग्नि को मजबूत होना चाहिए. बहुत अधिक पानी (विशेषकर ठंडा पानी) पाचन अग्नि को बुझा सकता है और खाने की न्यूट्रिशनल डेंसिटी (पोषण घनत्व) को कम कर सकता है.

इमोश्नल स्ट्रेस
क्या आपने देखा है कि वास्तव में तनाव या परेशान होने पर आप नहीं खा सकते हैं? जब हम तनाव में होते हैं तो हमारा फाइट और फ्लाइट मोड ऑन हो जाता है. इसलिए हमें आराम से और डाइजेस्ट मोड में रहने की आवश्यकता है.

अनियमित खाने की आदतें
भोजन छोड़ना, बिना भूख के भोजन करना, एक पोस्चर में लंबे समय तक बैठे रहना, खाने अनुचित समय, सोने से पहले भोजन करना या व्यायाम करना भी हमारी पाचन अग्नि को गड़बड़ा सकता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *