एनजाइना दर्द के बाद ईसीजी किया जाता है, जिसमें दिल की धड़कनों की गति का पता लगाया जाता है.
स्वास्थ्य

हार्ट अटैक का संकेत है एनजाइना दर्द, तुरंत उठाएं ऐसे कदम

आजकल गलत खानपान के चलते हर उम्र वर्ग के लोग हृदय संबंधित बीमारियों (Heart Diseases) का शिकार हो रहे हैं. myUpchar के अनुसार, दिल का दौरा आने से पहले सीने में जो दर्द होता है, उसे एनजाइना (Angina) कहा जाता है. एनजाइना दर्द तब होता है, जब दिल की नसों में रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाती है. एनजाइना दर्द जबड़े, बांह और पीठ के ऊपरी हिस्से में होता है. यह इस बात का संकेत हो सकता है कि हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है. आइये जानते हैं एनजाइना के लक्षणों के लक्षणों के बारे में.

एनजाइना के लक्षण

एनजाइना का दर्द वैसे तो अधिक उम्र में ही होता है, लेकिन आजकल अनियमित दिनचर्या के कारण कम उम्र में भी देखने को मिलता है. एनजाइना से पीड़ित व्यक्ति को सीने, बांहों, जबड़े, कंधे या गर्दन में खिंचाव या दर्द महसूस होता है. सांस फूलना, उल्टी आना, पेट में दर्द, पसीना आना, अधिक थकान लगना, चक्कर या बेहोशी आना जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, लेकिन कई बार यह लक्षण महसूस नहीं होते हैं.इसलिए होता है एनजाइना दर्द

myUpchar के अनुसार, एनजाइना का दर्द ज्यादा व्यायाम या ज्यादा कार्य करने पर हो सकता है. यह ज्यादा भोजन करने पर भी हो सकता है. एनजाइना का दर्द तापमान के अधिक गर्म या अधिक ठंडा होने पर या किसी भावनात्मक या तनावपूर्ण घटना होने पर भी हो सकता है. डायबिटीज के मरीजों को भी दिल से संबंधित परेशानी हो सकती है.

तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क

जब भी एनजाइना के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. एनजाइना की समस्या होने पर खुद हॉस्पिटल ना जाएं और तुरंत एक ही जगह बैठ जाएं या लेट जाएं. अपने किसी परिजन या मित्र को लेकर ही अस्पताल जाएं क्योंकि कभी कभी एनजाइना दर्द होने पर हार्ट अटैक का खतरा भी रहता है.

एनजाइना मरीज की ऐसे करें देखभाल

एनजाइना का दर्द महसूस होने पर सबसे पहले हार्ट से संबंधित सभी टेस्ट कराएं ताकि इसका सही उपचार किया जा सके. ऐसे में वसायुक्त भोजन से बचना चाहिए. खुद को तनावमुक्त रखने की कोशिश करें. इसके अतिरिक्त हाई बीपी और शुगर को भी नियंत्रित रखें.

ये टेस्ट जरूर कराएं

एनजाइना दर्द के बाद ईसीजी किया जाता है, जिसमें दिल की धड़कनों की गति का पता लगाया जाता है. यदि वे असामान्य तरीके से चल रही हैं, तो उसे सामान्य करने की कोशिश की जाती है. इसमें स्ट्रेस टेस्ट भी किया जाता है कि व्यक्ति कहीं स्ट्रेस के कारण तो एनजाइना का शिकार तो नहीं है. इसके अलावा ब्लड टेस्ट के जरिए शरीर में कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लूसराइड के बारे में पता लगाया जाता है.

घबराने की जरूरत नहीं, इलाज की कई थेरेपी हैं मौजूद

एनजाइना दर्द होने पर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आज इसके इलाज के लिए कई तरह की थेरेपी मौजूद हैं. यदि मरीज की दिल की नसें संकरी हो जाती हैं तो फिर एंजियोप्लास्टी के द्वारा नसों को चौड़ा किया जाता है. इससे मरीज ठीक हो जाता है. इसके अतिरिक्त यदि कुछ और कारण है तो एनजाइना की दवाइयां दी जा सकती है, इससे भी मरीज ठीक हो सकता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, ह्रदय रोग पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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