स्‍वस्‍थ जीवन के लिए योग को करें रूटीन में शामिल, एक्‍सपर्ट सविता यादव से सीखें योग
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स्‍वस्‍थ जीवन के लिए योग को करें रूटीन में शामिल, एक्‍सपर्ट सविता यादव से सीखें योग | health – News in Hindi

हमें अपनी जीवनशैली को कैसे इतना मजबूत बनाना है, ताकि आगे चल कर किसी तरह की शारीरिक समस्‍या का सामना न करना पड़े. और आप सर्वाइकल पेन, कमर दर्द जैसी समस्‍याओं से निजात पा सकें. आज के फेसबुक लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में योग एक्‍सपर्ट सविता यादव ने कई छोटे छोटे योगाभ्‍यास के अलावा प्राणायाम, कपालभारती (Kapalbhati) और ताड़ासन के बारे में सिखाया. इन अभ्यासों को करने से जहां पेट की मांसपेशियां मजबूत बनी रहती हैं, वहीं इनको करने से हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह आपकी आदत में शामिल होगा. इसलिए स्‍वस्‍थ जीवन के लिए योग अपनाएं.

कपाल भारती
कपालभारती बहुत ऊर्जावान उच्च उदर श्वास व्यायाम है. कपाल अर्थात मस्तिष्क और भाति यानी स्वच्छता अर्थात ‘कपालभारती’ वह प्राणायाम है जिससे मस्तिष्क स्वच्छ होता है और इस स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित होती है. वैसे इस प्राणायाम के अन्य लाभ भी हैं. लीवर किडनी और गैस की समस्या के लिए बहुत लाभ कारी है. कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं. इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते हैं लेकिन एक क्रम में 50 बार से अधिक न करें. क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं. इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं.

कपाल भारती के फायदेब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है

सांस संबंधी बीमारियों को दूर करमे में मदद मिलती है. विशेष रूप से अस्थमा के पेशेंट्स को खास लाभ होता है.
महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी
पेट की चर्बी को कम करता है
पेट संबंधी रोगों और कब्ज की परेशानी दूर होती है
रात को नींद अच्छी आती है

ये लोग कपाल भारती न करें
प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए
जिनकी कोई सर्जरी हुई हो वह इसे न करें
गैसट्रिक और एसिटिडी वाले पेशेंट्स इसे धीरे-धीरे करने की कोशिश करें.
पीरियड्स में बिल्कुल न करें.
हाई बीपी और हार्ट संबंधी रोगों के पैशेंट्स इसे करने से बचें.

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ताड़ासन
ताड़ासन योग पूरे शरीर को लचीला बनाता है. यह एक ऐसा योगासन है जो मांसपेशियों में काफी हद तक लचीलापन लाता है. यह शरीर को हल्का करता है और आराम देता है. इसके अलावा शरीर को सुडौल और खूबसूरती भी प्रदान करता है. शरीर की अतिरिक्त चर्बी को पिघालता है और आपके पर्सनैलिटी में नई निखार लेकर आता है.

ताड़ासन करने का तरीका
-इसके लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं और अपने कमर और गर्दन को सीधा रखें.
-अब आप अपने हाथ को सिर के ऊपर करें और सांस लेते हुए धीरे धीरे पूरे शरीर को खींचें.
-खिंचाव को पैर की उंगली से लेकर हाथ की उंगलियों तक महसूस करें.
-इस अवस्था को कुछ समय के लिए बनाए रखें ओर सांस ले सांस छोड़ें.
-फिर सांस छोड़ते हुए धीरे धीरे अपने हाथ और शरीर को पहली अवस्था में लेकर आएं.
-इस तरह से एक चक्र पूरा होता है.

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ताड़ासन के फायदे
वजन कम करता है
हाइट बढ़ाता है
कब्ज की समस्या को दूर करता है
पीठ के दर्द में लाभदायक
मांसपेशियों के दर्द में आराम
घुटने और पैरों के दर्द में राहत



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