ब्रेस्‍ट फीडिंग कराना मां के लिए भी बहुत फायदेमंद है.
स्वास्थ्य

स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में कम होता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

ब्रेस्‍ट फीडिंग कराना मां के लिए भी बहुत फायदेमंद है.

स्तनपान (Breast Feeding) कराने से बच्चे को तो ढेरों लाभ होते हैं. यह मां के लिए भी बहुत फायदेमंद है. स्तनपान बच्चों में कैंसर (Cancer) के खतरे के साथ-साथ माताओं में भी इसके जोखिम को कम करता है.



  • Last Updated:
    October 25, 2020, 1:55 PM IST

स्तनपान (Breast Feeding) बच्चे के जीवन की एक स्वस्थ शुरुआत है। मां का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम पौष्टिक आहार (Best Nutritious Food) है. विटामिन और पोषक तत्वों से युक्त मां का दूध जन्म के पहले छह महीनों में शिशु (Baby) के लिए यह बहुत जरूरी होता है, लेकिन स्तनपान केवल बच्चे को ही फायदा नहीं पहुंचाता है, बल्कि इसका लाभ माताओं को भी होता है. यह माताओं के स्तन कैंसर (Breast Cancer) के खतरे को भी कम कर सकता है.

myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि स्तनपान कराने से बच्चे को तो ढेरों लाभ होते ही हैं, साथ ही यह मां के लिए भी बहुत फायदेमंद है. माताओं को भी स्तनपान से बहुत सारी बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है. स्तनपान बच्चों में कैंसर के खतरे के साथ-साथ माताओं में भी इसके जोखिम को कम करता है. कई अध्ययनों में पाया गया है कि माताओं के लिए अधिक से अधिक 12 महीनों के लिए स्तनपान कराना स्तन या गर्भाशय के विकास से जुड़े जोखिम को कम करता है. इससे महिलाओं में स्तन कैंसर और गर्भाशय के कैंसर का खतरा भी कम होता है.

ये भी पढ़ें – नहीं बढ़ रही है बच्चे की हाइट, हो सकते हैं ग्रोथ हार्मोन की कमी के शिकारmyUpchar के अनुसार स्तन कैंसर स्तन कोशिकाओं को विकसित करता है. कैंसर स्तन के लोब्यूल्स या डक्ट्स में बनता है. ये वो ग्रंथियां हैं जिनमें दूध बनता है और जो दूध को ग्रंथियों से निप्पल्स तक पहुंचने का रास्ता देता है. कैंसर वसामय और रेशेदार स्तन ऊतकों में भी बन सकता है. इसे स्ट्रोमल ऊतक भी कहते हैं, जो महिलाएं स्तनपान करना रही होती हैं, उनमें अन्य महिलाओं के मुकाबले स्तन कैंसर होने का खतरा कम रहता है.

यही नहीं अन्य अध्ययनों के मुताबिक कम से कम एक साल तक स्तनपान कराने से माताएं डायबिटीज के खतरे से भी बच सकती हैं. स्तनपान ऑस्टियोपोरोसिस और कार्डियोवस्कुलर रोगों के खतरे को कम करने में मदद करता है. डिलीवरी के दौरान मां के शरीर को बहुत अधिक घाव और पीड़ा से गुजरना पड़ता है. स्तनपान की प्रक्रिया इन घावों को तेजी से भरने में मदद करती है और नई मां को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में वापस लाने में मदद करता है.

ये भी पढ़ें – कोरोना काल में रेकी हीलिंग है फायदेमंद, जानिए क्‍या है ये

महिलाओं को स्तनपान से मिलने वाले अन्य फायदों में वजन कम होना भी शामिल हैं. स्तनपान डिलीवरी के बाद वजन को कम रखने में मदद करता है. जैसे ही मां बच्चों को स्तनपान करवाने लगती है, जिससे उनके शरीर में खिंचाव पैदा होता है. इससे उनका वजन कम होने लगता है. स्तनपान के समय 500 कैलोरी एक दिन में खर्च हो जाती है. स्तनपान हार्मोन का संतुलन बनाए रखने में का भी काम करता है. स्तनपान के समय चेहरे के मुंहासे आदि की समस्या से छुटकारा मिल जाता है. हार्मोन संतुलित रहने से रोजाना के काम बिना रुकावट किए जा सकते हैं, क्योंकि यह खुश महसूस कराता है. साथ ही स्तनपान मां और शिशु के बीच भावनात्मक रिश्ते को बढ़ाता और मजबूत करता है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, एचईआर2 ब्रेस्ट कैंसर क्या है, इसके लक्षण, कारण और इलाज पढ़ें।

न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *