कोर्टिसोल हार्मोन न सिर्फ तनाव का अनुभव कराता है साथ ही यह कई अन्य प्रकार से भी शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है.
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स्ट्रेस से डायबिटीज के रोगियों को रहना होगा सावधान, तनाव बढ़ा सकती है शुगर

कोर्टिसोल हार्मोन न सिर्फ तनाव का अनुभव कराता है साथ ही यह कई अन्य प्रकार से भी शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है.

टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) वाले अधिकांश लोग रोजाना व्यायाम, स्वस्थ आहार और पर्याप्त मात्रा में आराम करते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि इसमें तनाव (Stress) से मुक्त रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.



  • Last Updated:
    November 10, 2020, 3:12 PM IST

डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति के खून में मौजूद ग्लूकोज या शुगर का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. भोजन करने पर ग्लूकोज मिलता है और इंसुलिन नामक हार्मोन इस ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में सहायता करता है, इससे शरीर को एनर्जी मिलती है. myUpchar के अनुसार व्यक्ति को अगर टाइप 2 डायबिटीज है, तो उसका शरीर या तो इंसुलिन बनाता नहीं है या उसका सही से इस्तेमाल नहीं करता है. डायबिटीज में ये प्रकार सबसे आम है. कुछ लोग स्वस्थ आहार और व्यायाम के जरिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं, वहीं अन्य लोगों को इलाज या इंसुलिन की मदद से इसका प्रबंधन करने की आवश्यकता होती है. टाइप 2 डायबिटीज वाले अधिकांश लोग रोजाना व्यायाम, स्वस्थ आहार और पर्याप्त मात्रा में आराम करते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि इसमें तनाव से मुक्त रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

एक अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि तनाव से राहत डायबिटीज के प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है. तनाव से कई माध्यमों से राहत मिल सकती है जैसे योग, पैदल चलना या किताब पढ़ना इत्यादि. ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के इस अध्ययन के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल और ब्लड शुगर की अधिकता के बीच एक स्पष्ट संबंध पाया गया है. पहले हुए एक शोध से पता चला है कि तनाव और अवसाद ‘कोर्टिसोल प्रोफाइल’ में गड़बड़ी की वजह से होता है. जर्नल साइकोन्यूरोएंडोक्रिनोलॉजी ने इस अध्ययन को प्रकाशित किया है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, स्वस्थ लोगों में कोर्टिसोल दिनभर में प्राकृतिक रूप से ऊपर-नीचे होता है. सुबह बढ़ जाता है और रात में इसका स्तर गिरता है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के साथ कोर्टिसोल प्रोफाइल दिनभर एक समान था और उनमें ग्लूकोज का स्तर बहुत ज्यादा था. प्रतिभागियों में कोर्टिसोल का स्तर एक समान होने की वजह से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और बीमारी के प्रबंधन में कठिनाई आती है. यही कारण है कि टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए तनाव को कम करने के उपाय खोजना बहुत जरूरी है.शोधकर्ताओं ने अब यह जांचने के लिए एक नया परीक्षण शुरू किया है कि क्या माइंडफुलनेस प्रैक्टिस (हमेशा खुश रहना) टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर को कम कर सकती है? इसलिए ऐसी चीजें, जिनसे खुशी मिलती हो उन्हें रोजमर्रा का हिस्सा बनाना चाहिए. ग्लूकोज के स्तर के साथ कोर्टिसोल का संबंध केवल डायबिटीज वाले लोगों में देखा गया था. शोधकर्ताओं का मानना है कि स्ट्रेस हार्मोन डायबिटीज की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, इसीलिए वे कोर्टिसोल, डायबिटीज और हृदय रोग के बीच संबंध पर शोध करना जारी रखते हैं.

myUpchar के अनुसार, तनाव दूर करने के लिए व्यायाम करें क्योंकि यह शरीर में एंडोर्फिन को रिलीज करता है जिसे अच्छा महसूस करवाने वाला हार्मोन भी कहा जाता है. यह मूड को सुधारता है. तनाव कम करने के लिए अपने व्यस्त जीवन से अपने शौक के लिए समय निकालें. यही नहीं, अच्छी नींद का भी ख्याल रखें क्योंकि इससे शरीर और मन को आराम मिलेगा.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, टाइप 2 मधुमेह पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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