सिर्फ 'सीने में दर्द' नहीं हार्ट अटैक का संकेत, महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग- स्टडी
स्वास्थ्य

सिर्फ ‘सीने में दर्द’ नहीं हार्ट अटैक का संकेत, महिलाओं में इसके लक्षण पुरुषों से अलग- स्टडी

Symptoms of Heart Disease in Women: कई स्टडीज में ये बात सामने आ चुकी है कि दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें हार्ट से जुड़ी बीमारियों की वजह से होती हैं. आजकल के लाइफस्टाइल में कोई भी ऐसा देश नहीं बचा है, जहां हार्ट से जुड़ी बीमारियां लोगों की मौत का कारण नहीं बन रही है. फिर चाहे वो अमेरिका हो या फिर भारत. इंडियन एक्स्प्रेस डॉटकॉम ने न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से छापी अपनी न्यूज रिपोर्ट में लिखा है, स्टडी बताती है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के चेतावनी संकेतों को अनदेखा किया जाता है. महिलाएं मदद लेने से भी हिचकती हैं, क्योंकि उनमें पुरुषों की तुलना में लक्षण बहुत हल्के होते हैं. इसलिए जब वे अस्पताल पहुंचती हैं, जो डॉक्टर उनके लक्षणों को कम आंकने या इलाज करने में देरी करते हैं.

दरअसल, महिला/पुरुषों में हार्ट डिजीज का आम लक्षण छाती/सीने में दर्द या बेचैनी है, लेकिन कई महिलाओं में ऐसे लक्षण दिखते हैं, जिन्हें दिल की परेशानी से जोड़ना मुश्किल होता है जैसे सांस लेने में परेशानी, बीमार लगना, थकान, जबड़े और पीठ में दर्द.

क्या कहते हैं जानकार
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की रिपोर्ट बताती है कि जिन महिलाओं को चेस्ट में पेन नहीं होता है, उनमें दिल का दौरा काफी गंभीर या घातक होता है, क्योंकि ऐसी स्थिति में मरीज और डॉक्टर दोनों को समस्या पहचानने में ज्यादा टाइम लगता है. डॉक्टर ये कह देते हैं कि ये उनका दिमागी फितूर है. येल-न्यू हेवन हॉस्पिटल (Yale-New Haven Hospital) के कार्डियोलॉजिस्ट (cardiologist) डॉ. एलेग्जेंड्रा लैंस्की (Dr. Alexandra Lansky) बताते हैं, ‘एक महिला जबड़े में दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास गई. सभी ने डेंटिस्ट के पास भेजा. डेंटिस्ट ने उसकी दो दाढ़ें निकाल दीं. तब भी दर्द दूर नहीं हुआ, तो वो मेरे पास आई. जांच में पता चला कि दर्द दिल से जुड़ा हुआ था. महिला की बाईपास सर्जरी की गई, तब जाकर जबड़े का दर्द दूर हुआ.’

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महिलाओं को हार्ट डिजीज के प्रति जागरूक करने के लिए अमेरिका में बाकायदे कैंपेन चलाए जा रहे है. इसमें बताया जाता है कि पसीना, चक्कर आना या असामान्य थकान हार्ट डिजीज के लक्षण हो सकते हैं. जर्नल थेरेप्यूटिक्स एंड क्लिनिकल रिस्क मैनेजमेंट (Journal Therapeutics and Clinical Risk Management) में प्रकाशित स्टडी बताती है कि 36 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 62 प्रतिशत महिलाओं को छाती में दर्द नहीं हुआ. कई महिलाओं ने सांस की तकलीफ के साथ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण (Gastrointestinal symptoms) जैसे मितली आना और अपच होना बताए. अक्सर लोग सीने में दर्द के बजाय सीने में दबाव या जकड़न का अनुभव करते हैं.

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35-54 साल की महिलाओं में खतरा
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. जैकलीन टैमिस-हॉलैंड (Dr. Jacqueline Tamis-Holland) कहती हैं, ‘लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक होने पर फिल्मों की तरह चेस्ट में पेन (सीने में दर्द) ही सबसे बड़ा लक्षण होता है, जबकि ऐसा नहीं है. पुरुषों के मुकाबले महिलाएं खुद को हार्ट डिजीज के लिए संवेदनशील नहीं मानतीं. हालांकि, कम उम्र की महिलाएं भी इसकी चपेट में आने लगी हैं. 35 से 54 साल की महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे की वजह से हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ा है. ‘

Tags: Health, Health News, Heart attack, Lifestyle

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