धूम्रपान करते समय सिगरेट का धुआं शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.
स्वास्थ्य

सिगरेट व गुटखे का सेवन करने से बढ़ता है कोरोना का खतरा, जानें कैसे

कोरोना वायरस (Coronavirus) का सबसे ज्यादा खतरा धूम्रपान (Cigarette) और तंबाकू (Tobacco) का सेवन करने वाले लोगों में होता है. इसका कारण है कि ऐसे लोगों के फेफड़े (Lungs) ज्यादा कमजोर होते हैं. धूम्रपान की लत के कारण उनमें लंग्स कैंसर (Lung Cancer) का खतरा भी अधिक रहता है. कोरोना वायरस कमजोर फेफड़ों में प्रवेश कर उसे और अधिक कमजोर कर देता है, जिससे मरीज की मौत भी हो सकती है क्योंकि उसे ऑक्सीजन की पूर्ति ठीक से नहीं हो पाती है.

ये कहती है रिसर्च

हाल ही में लंदन में हुई रिसर्च में धूम्रपान करने वालों और धूम्रपान न करने वालों पर एक स्टडी की गई है, जिसमें लंग टिश्यू में मौजूद मॉलिक्यूल राइबोन्यूक्लिक एसिड (RNA) के डेटाबेस का विश्लेषण किया गया. इस स्टडी के मुताबिक धूम्रपान करने वालों में सिगरेट का धुंआ रिसेप्टर प्रोटीन अधिक बनाने के लिए फेफड़ों को फुला देता है, जिसका इस्तेमाल कोरोना वायरस मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए करता है. वहीं, धूम्रपान करने वालों के फेफड़े मजबूत नहीं होते हैं, इसलिए धूम्रपान छोड़ने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम हो सकता है.तंबाकू का सेवन करने से भी फेफड़ों को नुकसान

myUpchar के अनुसार, तंबाकू में कुछ ऐसे जहरीले तत्व होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में कोरोना वायरस प्रवेश कर उनके फेफड़ों को बुरी तरह से क्षति पहुंचा सकता है.

धूम्रपान करने के अन्य गंभीर परिणाम

धूम्रपान करने वाले लोगों में कई अन्य गंभीर परिणाम हो सकते हैं. धूम्रपान करते समय सिगरेट का धुआं शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. साथ ही स्मोकिंग की आदत पुरुषों के शुक्राणु और महिलाओं के अंडाणु को भी कमजोर कर देती है.

ऐसे भी हो सकता है कोरोना

myUpchar के अनुसार, स्मोकिंग और गुटखा खाने वालों में कोरोना फैलने का खतरा इसलिए भी ज्यादा होता है क्योंकि इसमें वे बार बार अपने हाथों और मुंह का इस्तेमाल करते रहते हैं. हुक्का पीते समय भी एक ही हुक्के का इस्तेमाल कई लोग करते हैं. इससे कोरोना फैलने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है.

घेर सकती हैं कई अन्य बीमारियां

जो लोग धूम्रपान करने और गुटखा खाने जैसी आदतों से ग्रस्त हैं, उन्हें सिर्फ कोरोना जैसी बीमारी ही नहीं बल्कि कई ऐसी घातक बीमारियां भी हो सकती हैं, जिनसे व्यक्ति की मौत हो सकती है. इन बीमारियों में फेफड़ों का कैंसर, फेफड़े संबंधित अन्य बीमारियां जैसे अस्थमा, टीबी और डायबिटीज आदि शामिल है.

टीबी के मरीजों में मौत का खतरा ज्यादा

कुछ रिसर्च से यह बात सामने आई है कि जो टीबी के मरीज हैं, यदि वे धूम्रपान की आदत रखते हैं तो उनकी मौत होने का खतरा 38 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. जो लोग धूम्रपान नहीं करते उनके फेफड़े मजबूत होते हैं, जिससे उनका रेस्पिरेटरी सिस्टम भी मजबूत रहता है, इसलिए जिन्हें भी धूम्रपान या गुटखा खाने जैसी कोई भी लत है तो इस आदत में बदलाव लाने की जरूरत है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गुटखा खाना कैसे छोड़े पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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