सर्वाइकल की समस्‍या से मिलेगा छुटकारा, अपने रूटीन में शामिल करें ये योगासन
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सर्वाइकल की समस्‍या से मिलेगा छुटकारा, अपने रूटीन में शामिल करें ये योगासन | health – News in Hindi

आज रविवार के लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar), चतुरंग दंडासन से लेकर कई छोटे-छोटे अभ्यास सीखे. जो लोग रोज कई घंटों तक बैठ कर लैपटॉप आदि पर काम करते हैं, उन्‍हें कई तरह की शारीरिक समस्‍याएं (Physical Problems) होने लगती हैं. ऐसे में ये योगासन (Yoga Posture) न सिर्फ आपको स्‍वस्‍थ (Health) रखेंगे, बल्कि आपको सर्वाइकल की समस्‍या (Cervical Problem) से भी छुटकारा दिलाएंगे. वहीं इन योगासनों की मदद से आप अपनी उंगलियों, हाथों और कोहनी, कलाइयों को भी मजबूत बना सकते हैं. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है, बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए.

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar ) : सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.हस्ततुन्नासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

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सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं. मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें. सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़े. दाहिना हाथ नीचे और बायां हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कन्धे तक लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़े, हाथ को बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की चर्बी घटाने के लिए करें ‘सर्वांग पुष्टि आसन’ बेहतरीन है. लेकिन जो लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.

सर्वांग पुष्टि आसन के फायदे
फैट को कम करता है
कमर को लचीला बनाता है
मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
मोटापा कम करता है

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चतुरंग दंडासन
चतुरंग दंडासन के अनके शारीरिक लाभ होते हैं. इससे जहां शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं, वहीं इससे हाथों की कलाइयां मजबूत होती हैं. ऐसे में इसे अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें.

चतुरंग दंडासन के फायदे
यह आसन हाथ और कलाइयों को मजबूत बनाता है
इसे करने से शरीर की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है
चतुरंग दंडासन से शरीर में स्थिरता आती है और लचीलापन बना रहता है



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