विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2022: पीरियड्स में हाइजीन का ध्यान ना रखने से हो सकती हैं कई समस्याएं, माहवारी में याद रखें ये बातें
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विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2022: पीरियड्स में हाइजीन का ध्यान ना रखने से हो सकती हैं कई समस्याएं, माहवारी में याद रखें ये बातें

World Menstrual Hygiene Day 2022: आज ‘विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ है. मासिक धर्म यानी माहवारी या पीरियड्स, जिसे लेकर आज भी समाज में टैबू है. आज भी अधिकतर महिलाएं इस पर खुलकर बात करने में संकोच करती हैं. छोटे शहरों, गांवों में पीरियड्स हाइजीन को लेकर आज भी महिलाओं में जानकारी और जागरूकता की कमी है. प्रत्येक वर्ष ‘वर्ल्ड मेन्सट्रुअल हाइजीन डे 2022’ इसी को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है और महिलाओं को इस बात के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाती है कि माहवारी के दिनों में साफ-सफाई ना रखने से क्या-क्या शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं. आइए जानते हैं ‘विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2022’ पर पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान ना रखने से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं और पीरियड्स हाइजीन में किन बातों का रखना चाहिए ध्यान.

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फोर्टिस हॉस्पिटल (कल्याण, मुंबई) की कंसल्टेंट- प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा तोमर कहती हैं कि मासिक धर्म भारत और दुनिया भर में एक बड़ा वर्जित विषय है. इसके कारण अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनमें लैंगिक असमानता, भेदभावपूर्ण सामाजिक मानदंड, सांस्कृतिक वर्जनाओं के साथ-साथ लोगों के सामने स्वच्छ शौचालय और सैनिटरी उत्पाद आदि सुविधाओं का अभाव शामिल है. ये सभी बेहतर मासिक धर्म स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं. भारत में कई युवा लड़कियों को मासिक धर्म शुरू होने के बाद स्कूल छोड़ने के लिए मज़बूर होना पड़ता है. इससे उनका सामाजिक जीवन भी प्रभावित होता है. उनमें अतिरिक्त तनाव और चिंता का कारण बनता है.

पीरियड्स से संबंधित स्वच्छता क्यों है ज़रूरी
डॉ. सुषमा तोमर कहती हैं कि मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य और स्वच्छता बेहद ज़रूरी है और ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इससे कई तरह की शारीरिक समस्याओं से बचने में मदद मिलती है, जैसे इंफेक्शन, यौन रोग आदि. पीरियड्स में हाइजीन का ध्यान रखकर प्रजनन स्वास्थ्य को मजबूत बना सकते हैं. मासिक धर्म स्वच्छता (menstrual hygiene) को बढ़ावा देने के लिए निम्न बातों पर ज़रूर ध्यान दें-

प्रत्येक चार घंटे में पैड बदलें
स्वच्छता बनाए रखने और रैशेज की रोकथाम के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप हर चार घंटे में सैनिटरी पैड बदलें. भले ही रक्त प्रवाह बहुत अधिक न हो, लेकिन एक सैनिटरी पैड का उपयोग किसी भी स्थिति में आठ घंटे से अधिक नहीं करना चाहिए.

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साबुन या योनि को साफ करने के प्रोडक्ट्स का प्रयोग ना करें
योनि में स्वयं सफाई करने का गुण होता है, इसलिए बहुत अधिक सफाई उत्पादों का उपयोग करने से बचना चाहिए. यदि कोई अतिरिक्त आवश्यकता है, तो जननांग क्षेत्र को साफ करने के लिए डाइल्यूटेड साबुन और गर्म पानी का उपयोग करना सबसे अच्छा है.

संक्रमण या फुंसी-चकत्ते को नज़रअंदाज़ ना करें
कभी-कभी जननांग के स्थान पर फुंसी, चकत्ते और संक्रमण हो सकते हैं, इसलिए उन पर तुरंत ध्यान देना बेहद ज़रूरी है. यदि चकत्ते गंभीर हैं, तो जल्द से जल्द स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें और अपने जननांग क्षेत्र को हमेशा साफ रखें.

सैनिटरी पैड को ठीक से फेंके
इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड से संक्रमण हो सकता है और बीमारियां भी फैल सकती हैं, इसलिए बीमारी से बचाव के लिए इन्हें कूड़ेदान में सही तरीके से फेंके. कभी भी सैनिटरी पैड को शौचालय के फ्लश में न बहाएं. पैड के निस्तारण के बाद हमेशा अपने हाथ अच्छी तरह धोएं. जहां उपर्युक्त उपाय व्यक्तिगत स्तर पर किए जाते हैं, वहीं सामाजिक स्तर पर भी कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है. विगत वर्षों में, भारत सरकार ने भी मासिक धर्म स्वच्छता और उचित सुविधाओं को सुलभ बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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