Hindi News - News18 हिंदी
स्वास्थ्य

लाल आंखें, जलन को हल्के में न लें, हो सकता है कंजक्टिवाइटिस, ये भी हैं लक्षण/ Health news Know about the Conjunctivitis types and symptoms neer– News18 Hindi

Conjunctivitis Symptoms: मॉनसून (Monsoon)के आते ही सबसे ज्यादा परेशानी आंखों में होने वाले संक्रमण को लेकर आती है. बारिश के मौसम के दौरान बड़ी संख्या में आंखों के संक्रमित मरीज सामने आते हैं. इस मौसम में सबसे ज्यादा केस कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) के मिलते हैं. आमतौर पर आंखों में लालीमा आने, जलन होने, सूजन आने पर भी हम ध्यान नहीं देते, लेकिन ऐसा करना बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है. आंखों में परेशानी होने के शुरुआती दौर में ही उस पर ध्यान देकर बहुत हद तक इससे बचा जा सकता है.

ऐसे होता है कंजक्टिवाइटिस
आंखों में मौजूद कंजक्टिवा (conjunctiva) सेल्स की पतली लेयर (झिल्ली) से बना होता है, जो कि पलकों की अंदरुनी सतह और आंखों के सफेद हिस्से को कवर करता है. जब कंजक्टिवा में सूजन आ
जाती है तो छोटी रक्तवाहिकाएं या कोशिकाएं ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं. इस वजह से आंखों में परेशानी आनी शुरू हो जाती है और उनमें लालीमा या गुलाबीपन आ जाता है जो 1 से 4 हफ्ते तक रह सकता है.
कंजस्टिवाइटिस की वजह से आंखों में खुजली, एलर्जी और जलन की शिकायत हो जाती है.

ये होते हैं लक्षण
– आंखें लाल होना
– आंखों से पानी आना
– सुबह उठने पर आंखें चिपक जाना या खोलने में परेशानी होना
– आंखों में कंकर जैसा चुभना
– आंखों में खुजली, जलन और तनाव होना
– कॉन्टेक्ट लैंस लगाने पर परेशानी आना

इसे भी पढ़ें: इम्युनिटी बूस्टर है सौंफ की चाय, जानें इसके फायदे

कंजक्टिवाइटिस के ये हैं प्रकार
आमतौर पर कंजक्टिवाइटिस को दो कैटेगिरी में रखा जा सकता है. पहली कैटेगिरी एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस, इसमें जिन चीजों से आंखों को एलर्जी हो जैसे पराग कण या फिर क्लोरीन तो आंखों में खुजली होने के साथ जलन होने लगती है. दूसरी कैटेगिरी में इन्फेक्टिव कंजक्टिवाइटिस आता है इसमें बैक्टिरिया या फिर वायरस की वजह से इन्फेक्शन होता है.
इंदौर के नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. विवेक भंडारी बताते हैं कि बारिश के चलते मौसम में नमी बढ़ने की वजह से यह संक्रमण होता है. इस मौसम में बेवजह आंखों को नहीं छूना चाहिए. डॉक्टरी सलाह के बिना आंखों में किसी भी तरह की दवा डालने से बचना चाहिए. हो सके तो घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा या गॉगल लगाकर रखना चाहिए. भंडारी की माने तो इतनी एहतियात बरतने से ही सामान्य तौर पर कंजक्टिवाइटिस से बचा जा सकता है.

इसे भी पढ़ें:  45 की उम्र के बाद पुरुषों में भी होता है मेल मेनोपॉज, होते हैं कई और भी बदलाव

आंखों का संक्रमण कन्जक्टिवाइटिस आमतौर पर पहले एक आंख में होकर फिर दूसरी को संक्रमित करती है. कुछ मामलों में दोनों आंखों में एक साथ संक्रमण हो सकता है. बीमारी के तीव्र होने पर मरीज को बुखार जैसा भी महसूस होता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेने में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहिए.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *