भ्रस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम कोरोना से लड़ने में सहायक हैं. आमतौर पर होने वाले संक्रमण में भी अगर किसी व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वह जल्दी बीमार हो जाता है.
स्वास्थ्य

योगा के जरिए कोरोना काल में लोगों की सेहत सुधारने में अहम भूमिका अदा कर रहीं हैं अंजली शर्मा

भ्रस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम कोरोना से लड़ने में सहायक हैं. आमतौर पर होने वाले संक्रमण में भी अगर किसी व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वह जल्दी बीमार हो जाता है.

भ्रस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम कोरोना से लड़ने में सहायक हैं. आमतौर पर होने वाले संक्रमण में भी अगर किसी व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वह जल्दी बीमार हो जाता है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 7, 2020, 7:33 PM IST

कोरोना काल में जहां कोई मरीजों को अच्छा इलाज देकर तो कोई भोजन मास्क और सेनेटाइजर बाटकर सुर्खियां बटोर रहा है तो वहीं योगा साइंस में मास्टर की डिग्री हासिल करने वाली योग प्रशिक्षिका अंजली शर्मा कोरोना से संक्रमित लोगों और संक्रमण से बचने के लिए विशेष योगाभ्यास का प्रशिक्षण देकर चर्चे में आई हैं. ये दिल्ली में रहकर योग प्रशिक्षण का कार्य कर रही है. उनका कहना है कि योग से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है.

भ्रस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम विलोम कोरोना से लड़ने में सहायक हैं. आमतौर पर होने वाले संक्रमण में भी अगर किसी व्यक्ति की इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वह जल्दी बीमार हो जाता है. नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information (NCBI) के द्वारा किए गए एक विस्तृत शोध में यह बताया गया कि प्राणायाम के जरिए रोगप्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है. यही करण है कि अंजली के द्वारा सुझाए गए तीन प्राणायाम इम्युनिटी को मजबूत बनाकर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाए रखने में मददगार साबित होंगे.

इस प्राणायाम को करने की प्रक्रिया में सांस छोड़ते हैं और लेते हैं. रोजाना करीब 5-8 मिनट तक इस प्रणायाम को करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और आप किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचे रहेंगे. इनको रक्तचाप (Blood Pressure) की समस्या है वो सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को धीमी गति से करेंगे.

अनुलोम विलोम का कोई साइड इफेक्ट नहीं है. इसे करने से कई बीमारियों से बचने में मदद मिलती है. भस्त्रिका प्राणायाम से आप कोरोना से संक्रमित होने से बचे रहेंगे. भस्त्रिका प्रणायाम को करने से शरीर की कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती हैं साथ ही साथ श्वसन क्रिया से जुड़ी बीमारी भी नहीं होगी. साथ ही साथ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होगी. इसके कारण आप कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहेंगे और संक्रमण हो ज्ञान है तो भी उससे निजात मिलेगी.कपालभाति एक प्रचलित प्राणायाम है. इस प्राणायाम को करने की प्रक्रिया में सांस लेते हैं और छोड़ते हैं. रोजाना करीब पांच मिनट तक इस प्रणायाम को करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और आप किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचे रहेंगे. आप इसे सुबह और शाम दोनों समय कर सकते हैं। लेकिन इन प्राणायामों को करने से फ्रेश होने के बाद ही करें अगर शाम को आप ये प्राणायाम कर रहे है. तो इतना जरूर ध्यान रखें कि भोजन या शाम के नाश्ते के बाद 2-3 घंटे का गैप हो.



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