ये हैं एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स, जरूर करें डाइट में शामिल, सूजन, दर्द से मिलेगा छुटकारा – News18 हिंदी
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ये हैं एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स, जरूर करें डाइट में शामिल, सूजन, दर्द से मिलेगा छुटकारा – News18 हिंदी

Foods Which fight Inflammation: कई बार शरीर में चोट या संक्रमण होने के कारण सूजन या इंफ्लेमेशन की समस्या हो जाती है. इंफ्लेमेशन (Inflammation) शरीर के अंगों में होने वाली एक ऐसी अवस्था है, जिसमें वे लाल, तकलीफदायक, सूजनयुक्त हो जाते हैं. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तब सक्रिय हो जाती है, जब शरीर में किसी बाहरी हानिकारक तत्व जैसे माइक्रोब, पौधों के पराग या केमिकल का प्रवेश होता है. ये सभी चीजें सूजन (Inflammation) की प्रक्रिया को ट्रिगर करते हैं. कई बार इंफ्लेमेशन की समस्या बिना किसी माइक्रोब के हमले के भी बढ़ जाती है. ऐसे में सूजन की समस्या शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकती है. कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, अर्थराइटिस, डिप्रेशन, अल्जाइमर सहित कई प्रमुख बीमारियां क्रोनिक इंफ्लेमेशन से संबंधित होती हैं.

हार्वर्ड हेल्थ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आप बिना दवाओं के सेवन के भी हेल्दी डाइट से इंफ्लेमेशन की समस्या को दूर कर सकते हैं. कुछ फूड्स एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्वों से भरपूर होते हैं, जो सूजन, दर्द को कम करने के लिए जाने जाते हैं. कई अध्ययनों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि क्रोनिक, लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन हार्ट डिजीज, कैंसर, टाइप 2 डायबिटीज जैसे रोगों को बढ़ा सकते हैं. ऐसे में आप सूजन को दूर करके हेल्दी बने रहना चाहते हैं, तो अपनाएं ये एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट टिप्स (Anti-inflammation Diet).

इंफ्लेमेशन के लक्षण

दो प्रकार के इंफ्लेमेशन होते हैं एक्यूट इंफ्लेमेशन और क्रोनिक इंफ्लेमेशन. किसी भी तरह के चोट, इंफेक्शन के कारण एक्यूट इंफ्लेमेशन होता है. वहीं, क्रोनिक इंफ्लेमेशन टाइप 1 डायबिटीज, ल्युपस, रूमटॉएड अर्थराइटिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसे रोगों के होने पर बढ़ जाता है. एक्यूट इंफ्लेमेशन में रेडनेस, दर्द, सूजन और क्रोनिक इंफ्लेमेशन में थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कब्ज, डायरिया, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल से संबंधित समस्याएं, सिरदर्द, त्वचा पर रैशेज, वजन बढ़ने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं. एक्यूट इंफ्लेमेशन के विपरीत, क्रोनिक इंफ्लेमेशन के लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या समय के साथ आते-जाते रहते हैं.

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इंफ्लेमेशन को बढ़ाने वाले फूड्स

रिफाइंड फूड्स जैसे पेस्ट्री, व्हाइट ब्रेड, फ्रेंच फ्राइज, तली-भुनी चीजें, सोडा, शुगरी ड्रिंक्स, रेड मीट, प्रॉसेस्ड मीट आदि के अधिक सेवन से सूजन की समस्या बढ़ जाती है. इनका सेवन बेहद कम करें. ये सभी फूड्स क्रोनिक डिजीजेज जैसे हार्ट की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा को बढ़ाते हैं, इनसे इंफ्लेमेशन ट्रिगर होता है.

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खूब खाएं ये एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स

आप चाहते हैं कि सूजन, दर्द, इंफेक्शन आदि से बचे रहना, तो डाइट में कुछ एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स को शामिल करें. आप ऑलिव ऑयल, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे केल, पालक, टमाटर, नट्स में बादाम, अखरोट, फैटी फिश जैसे सैल्मन, टूना, सैर्डिंस (Sardines), फल जैसे चेरीज, संतरा, सेब, स्ट्रॉबेरीज, ब्लूबेरीज का सेवन करें. एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स खाने के कई फायदे होते हैं. सेब, ब्लूबेरीज, हरी पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होते हैं. आप कॉफी भी पी सकते हैं. इसमें भी पॉलीफेनॉल्स और कई एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व होते हैं, जो इंफ्लेमेशन से बचाते हैं.

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