प्री-डायबीटीस रोगी वे होते हैं, जिनमें जिनमें डायबिटीज के लक्षण दिखने लगे हों.
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मौत का जोखिम बढ़ाता है प्री डायबिटीज, जानिए क्‍या है ये और कैसे करें बचाव

प्री-डायबीटीस रोगी वे होते हैं, जिनमें जिनमें डायबिटीज के लक्षण दिखने लगे हों.

प्री डायबिटीज (Pre Diabetes), डायबिटीज शुरू होने से पहली की स्थिति को कहते हैं. प्री डायबिटीज की स्थिति में शुगर लेवल (Sugar Level) सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन इतना ज्यादा नहीं कि उसे डायबिटीज (Diabetes) कहा जाए.



  • Last Updated:
    November 12, 2020, 6:29 AM IST

प्री डायबिटीज (Pre Diabetes) लोगों में दिल की बीमारी और मौत का जोखिम बढ़ा देता है. यह उन लोगों के लिए और खतरनाक हो सकता है जो पहले से ही दिल से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. प्री डायबिटीज, डायबिटीज शुरू होने से पहली की स्थिति को कहते हैं. इसे बॉर्डरलाइन भी कहा जाता है. प्री डायबिटीज की स्थिति में शुगर लेवल (Sugar Level) सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन इतना ज्यादा नहीं कि उसे डायबिटीज (Diabetes) कहा जाए. myUpchar के अनुसार डायबिटीज में खून में मौजूद शुगर या ग्लूकोज का स्तर बहुत बढ़ जाता है. खाना खाने से ग्लूकोज मिलता है और इंसुलिन नामक हार्मोन इस ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है जिससे शरीर को एनर्जी मिल पाती है.

बीएमजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि साल 2030 तक दुनियाभर में 47 करोड़ लोग प्री डायबिटीज का शिकार होंगे और उनमें से 70 प्रतिशत लोग टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित होंगे. चीन की सदर्न मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि प्री डायबिटीज, आम लोगों और हृदय रोग से संबंधित मेडिकल हिस्ट्री वाले रोगियों में मृत्यु दर का कारण है.

ये भी पढ़ें – सूखी खांसी और सूखी नाक की वजह कहीं प्रदूषण तो नहींशोधकर्ताओं की टीम ने प्री डायबिटीज और हृदय रोग से जुड़े मेडिकल हिस्ट्री वाले लोगों में मृत्यु के जोखिम को लेकर 129 अध्ययनों के परिणामों का विश्लेषण किया. अध्ययन में 1 करोड़ लोग शामिल थे. परिणाम में पता चला है कि लगभग 10 सालों के औसत समय में आम आबादी में मृत्यु के सभी कारणों में प्री डायबिटीज का हिस्सा 13 प्रतिशत रहा. वहीं इसके कारण हृदय रोग के 15 प्रतिशत मामले बढ़ गए. इसके अलावा कोरोनरी धमनी रोग और स्ट्रोक का जोखिम भी पाया गया. हृदय रोग से जुड़े फैमिली हिस्ट्री वाले रोगियों में प्री डायबिटीज के कारण मृत्यु दर 36 प्रतिशत बढ़ी हुई पाई गई. इसी तरह इनमें हृदय रोग की आशंका 37 प्रतिशत तक बढ़ गई. शोधकर्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि प्री डायबिटीज की स्क्रीनिंग और उचित प्रबंधन, सभी तरह की समस्याओं के रोकथाम में योगदान दे सकता है.

प्री डायबिटीज में कुछ लक्षणों पर गौर किया जा सकता है. इसमें बार-बार प्यास लगना, सामान्य से ज्यादा बार-बार टॉयलेट जाना, देखने में परेशानी महसूस होना, अधिकतर थका हुआ महसूस होना आदि शामिल है. जब व्यक्ति गतिहीन जीवनशैली जी रहा हो, नियमित रूप से व्यायाम न करें, कॉलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा हो और नींद पूरी न हो, तो ऐसे में प्री डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. यही नहीं अगर पुरुषों की कमर 40 इंच और महिलाओं की 35 इंच से ज्यादा हो, तो प्री डायबिटीज की आशंका बढ़ जाती है.

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myUpchar के अनुसार प्री डायबिटीज से बचाव के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें. एक बार में ज्यादा न खाएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी देर में और कम-कम मात्रा में खाएं. ऐसा करने से प्री डायबिटीज से बचाव संभव है. डायबिटीज को दूर भगाने का घरेलू नुस्खे भी अपनाया जा सकता है. इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन से दूर रहना भी फायदेमंद होता है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, डायबिटीज पढ़ें।

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