मेनोपॉज के बाद महिलाओं को दूध-दही से नहीं होता कोई फायदा, जानें क्या है कारण
स्वास्थ्य

मेनोपॉज के बाद महिलाओं को दूध-दही से नहीं होता कोई फायदा, जानें क्या है कारण | health – News in Hindi

मेनोपॉज में दूध पीने से शरीर को कोई फायदा नहीं पहुंचता है.

शोधकर्ताओं ने पाया है कि आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद, डेयरी उत्पादों (Dairy Products) का लम्बर स्पाइन या गर्दन की हड्डियों के घनत्व में लाभ नहीं होता है और न ही वे महिलाओं को फ्रैक्चर जोखिम से बचाते हैं.



  • Last Updated:
    July 17, 2020, 12:18 PM IST

दूध, दही, छाछ, पनीर जैसे डेयरी उत्पादों (Dairy Products) के सेवन के अपने फायदे हैं, लेकिन महिलाओं (Women) के लिए तब इसका कोई खास फायदा नहीं होता है, जब वह मेनोपॉज (Menopause) में प्रवेश करती हैं. यह बात एक शोध में सामने आई है कि बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में हड्डियों (Bones) की सेहत को इन उत्पादों से कोई खास फायदा नहीं मिलता है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होने के बावजूद, डेयरी उत्पादों का लम्बर स्पाइन या गर्दन की हड्डियों के घनत्व में लाभ नहीं होता है और न ही वे महिलाओं को फ्रैक्चर जोखिम से बचाते हैं.

स्टडी ऑफ वुमेन हेल्थ अक्रॉस द नेशन (स्वान) के आंकड़ों के आधार पर किए गए अध्ययन से पता चलता है कि मेनोपॉज में प्रवेश करने के दौरान जब हड्डियां तेजी से कमजोर होती हैं, तो वे बोन मिनरल डेंसिटी लॉस या फ्रैक्चर को रोकने में बहुत कम फायदा देते हैं.

myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि मेनोपॉज का मतलब है एक महिला को मासिक धर्म या पीरियड्स होना बंद हो जाना. एक साल तक पीरियड्स नहीं होने पर इसे मेनोपॉज माना जाता है. ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो 50 की उम्र के आसपास होती है और इसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता है. मेनोपॉज से महिलाओं में ओवुलेशन बंद हो जाता है और वे गर्भवती नहीं हो सकतीं. मेनोपॉज के लक्षणों में योनि का सूखापन, हॉट फ्लैशेज, नींद न आना, सिरदर्द है. स्थिति के आधार पर कुछ महिलाओं को अधिक गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे हड्डियों में दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस.द नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसाइटी (एनएएमएस) के जर्नल मेनोपॉज में छपे अध्ययन के मुताबिक, जैसे ही महिलाएं मेनोपॉज में प्रवेश करती हैं, हड्डियों की हानि में तेजी आती है और ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है. स्वान के आंकड़ों से पता चला है कि डेयरी उत्पादों के सेवन से इस हड्डी का नुकसान धीमा नहीं होता है और न ही फ्रैक्चर का जोखिम कम होता है.

इस अध्ययन के निष्कर्षों के लिए विशेष रूप से फेमोरल और स्पाइन बोन मिनरल डेंसिंटी पर डेयरी सेवन के प्रभाव को देखा. फेमोरल नेक फ्रैक्चर इंट्रासकैप्सुलर फ्रैक्चर हैं. कैप्सूल वह क्षेत्र है, जिसमें तरल पदार्थ होता है जो कूल्हे के जोड़ को चिकनाई और पोषण देता है.

यह कुछ अध्ययनों में से एक है जो यह बताता है कि कैसे मेनोपॉज में प्रवेश के दौरान डेयरी सेवन से महिला की हड्डियों की हानि और फ्रैक्चर का जोखिम प्रभावित होता है. ऑस्टियोपोरोसिस के लिए सबसे बड़े जोखिम वाले दो कारक, उम्र और लिंग महिला के नियंत्रण से परे हैं। निष्कर्षों से पता चला है कि महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस का अधिक जोखिम है और महिलाओं की उम्र के साथ जोखिम काफी बढ़ जाता है. एनएएसएस के मेडिकल डायरेक्टर और शोधकर्ता स्टेपनी फेबियन ने कहा, ‘फल, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर आहार के साथ-साथ लीन प्रोटीन जैसे मछली और कम वसा वाले डेयरी के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ हैं.’ myUpchar के अनुसार, इन हालात में महिलाओं को अपनी जीवनशैली और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज के बारे में जानिए कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जिनसे थे आप अभी तक अनजान पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *