मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है लाइफस्टाइल से जुड़ी ये 6 गलतियां, जान लें कैसे
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मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है लाइफस्टाइल से जुड़ी ये 6 गलतियां, जान लें कैसे | health – News in Hindi

व्यक्ति जो भी खाता है, वह ऊर्जा में बदलता है और यह काम मेटाबॉलिज्म (Metabolism) या चयापचय करता है. दूसरे शब्दों में कहें तो मेटाबॉलिज्म ऐसी शारीरिक प्रक्रिया है, जिसके जरिए ही शरीर भोजन को ऊर्जा (Energy) में बदलता है और यह ऊर्जा रोजाना के कार्यों में खर्च होती है. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि मानव शरीर को दिनभर के काम के लिए, भोजन पचाने के लिए, ब्लड सर्कुलेशन से लेकर हार्मोनल संतुलन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा चाहिए जो कि उसे भोजन से मिलती है. खास बात यह है कि शरीर की बनावट के हिसाब से ऊर्जा की आवश्यकता  होती है और यह ऊर्जा मेटाबॉलिज्म की क्रिया से मिलती है.

शरीर की मेटाबॉलिक दर बताती है कि एक दिन में कितनी ऊर्जा की जरूरत होती है. अगर शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहेगा तो मांसपेशियों में कमजोरी, थकान, सुस्ती, रूखी त्वचा, वजन बढ़ना, जोड़ों में सूजन आदि समस्याएं पैदा होंगी. इसलिए स्वस्थ वजन और बीमारियों को दूर रखने के लिए मेटाबॉलिज्म को बनाए रखना बेहद जरूरी है. लोगों ने अपनी जीवनशैली में कुछ ऐसी आदतें शामिल कर ली हैं, जो कि मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती हैं और सेहत पर खतरा मंडराने लगता है. यहां ऐसी जीवनशैली से जुड़ी 6 गलतियां जानिए जो लोग आमतौर पर करते हैं.

कैलोरी कम करना : लोगों के बीच यह सोच आम है कि वजन कम करना है तो कैलोरी में कटौती की जाए. वजन कम करने के चक्कर में पर्याप्त मात्रा में नहीं खाने से मेटाबॉलिज्म धीरे काम करने लगता है. कम कैलोरी शरीर के लिए मुश्किल खड़ी कम करती है. बेहतर होगा कि वजन कम करने के लिए कोई व्यवहारिक योजना बनाएं या फिर किसी विशेषज्ञ की मदद लें.मीठे पेय का ज्यादा सेवन करना : मीठे पेय स्वाद में तो बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन मेटाबॉलिज्म की दर को प्रभावित करते हैं. शर्करा युक्त पेय में फ्रुक्टोज होता है जो मेटाबॉलिज्म की दर को कम कर सकता है और वजन बढ़ा सकता है. शोध से पता चला है कि फ्रुक्टोज युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन मेटाबॉलिज्म की दर को कम तो करता ही है, साथ ही पेट और लिवर में वसा के जमाव को बढ़ावा देता है.

कम प्रोटीन वाला आहार लेना : प्रोटीन से भरपूर भोजन करना सेहत के लिए बेहद जरूरी है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अनुराग शाही का कहना है कि प्रोटीन मांसपेशियों, त्वचा, एंजाइम और हार्मोन्स, शरीर के ऊतकों के लिए बेहद जरूरी होता है. इसके सेवन में कमी मेटाबॉलिज्म पर भी असर डालती है. प्रोटीन युक्त आहार पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. प्रोटीन से भरपूर आहार मेटाबॉलिज्म दर को बनाए रखने और फिट रखने में मदद कर सकता है.

पर्याप्त पानी नहीं पीना : पर्याप्त पानी नहीं पीने से मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ता है. दिनभर पानी पीते रहें और ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें, जिसमें प्राकृतिक रूप से पानी हो जैसे तरबूज.

नींद की कमी : इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, पर्याप्त नींद न लेने से मेटाबॉलिज्म की दर प्रभावित हो सकती है जिससे वजन बढ़ सकता है. 7-8 घंटे की अच्छी नींद इसके दर को बनाए रखने में मदद कर सकती है.

शारीरिक गतिविधियों में कमी : अधिकांश लोग घंटों बैठकर काम करते हैं. बिना शारीरिक गतिविधि के लगातार बैठना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. उसमें भी इस जीवनशैली के साथ कई लोग व्यायाम तो तवज्जों नहीं देते हैं. यह गलती मेटाबॉलिज्म और समग्र स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. शारीरिक व्यायाम से इसकी भरपाई जरूरी है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मेटाबोलिज्म बढ़ाने के लिए खान-पान में करें ये मामूली बदलाव, होगा फायदा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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