मास्‍क पहनकर मनाएं दिवाली, विशेषज्ञ बोले, कोरोना के किसी भी वेरिएंट के खिलाफ है कारगर
स्वास्थ्य

मास्‍क पहनकर मनाएं दिवाली, विशेषज्ञ बोले, कोरोना के किसी भी वेरिएंट के खिलाफ है कारगर

नई दिल्‍ली. भारत में त्यौहारों का मौसम (Festive Season) शुरू हो चुका है, कुछ दिन बाद शादियां भी शुरू हो जाएंगी, जबकि शादियों की तैयारियां और खरीदारी अभी तेजी से चल रही है. देश में कोरोना के दैनिक मामले भले ही कम दिख रहे हैं लेकिन अभी बीमारी अभी भी चल रही है. कोरोना का स्ट्रेन बदल रहा है. हाल ही में डेल्‍टा प्‍लस (Delta Plus) परिवार का एक और वेरिएंट (Variant) देश के छह राज्‍यों में सामने आया है और जब भी यह बीमारी अपना स्ट्रेन बदलती है तो महामारी का रूप धारण कर लेती है. उस समय में संक्रमितों की संख्या में बड़ी तेजी से इजाफा होने लगता है. लिहाजा ज्‍यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है.

इस बारे में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) गोरखपुर, यूपी की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर कहती हैं कि फिलहाल कोरोना के मामले कम हैं. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि बीमारी ख़त्म हो गई है. वहीं, हमारा देश त्योहारों का देश है. आने वाले समय में कई त्यौहार हैं. इस दौरान लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. साथ ही लोगों को भी सतर्क और जागरुक रहने की जरूरत है. इसके लिए जब कभी घर से बाहर निकलें, तो मास्क (Mask) हमेशा लगाकर रखें. मास्क का इस्तेमाल बिलकुल न छोड़ें. यहां तक कि त्‍यौहार मनाने के दौरान इसका विशेष ध्‍यान रखें.

कोरोना के नए वेरिएंट के चलते दिवाली के आसपास कोरोना का खतरा पैदा हो गया है.

इसके साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करें. साथ ही अपने हाथों को नियमित अंतराल पर सैनिटाइज करें. इसके अलावा, जब कभी समय और सुविधा मिले, तो अपने हाथों को साबुन और साफ पानी से जरूर धो लें. एक चीज का अवश्य ध्यान रखें कि त्योहारों में भीड़ इकठ्ठा न करें. घर पर ही त्योहारों को मनाएं. जितना हो सके, घर से बाहर कम से कम जाएं और बाहर स्पिटिंग (थूकना) बिल्कुल न करें. इन नियमों का पालन करने से हम सब सुरक्षित रह सकते हैं.

डॉ. सुरेखा कहती हैं कि सूक्ष्मजीवों में उत्परिवर्तन आम हैं, और वायरस में अधिक. जब कोई वायरस पुनरुत्पादित करता है, तो कुछ प्रतियों में उसकी आनुवंशिक सामग्री में कुछ संरचनात्मक परिवर्तन होते हैं इन्हें उत्परिवर्तन कहा जाता है. ये म्यूटेंट थोड़ा अलग व्यवहार कर सकते हैं. इनमें से कुछ मौजूदा टीकों को कम प्रभावी बना सकते हैं, अन्य अधिक संक्रामक हो सकते हैं या अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं लेकिन मास्क सभी उत्परिवर्तन के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी होते हैं, चाहे वह अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा या डेल्टा प्लस हो. इसलिए, घर से बाहर निकलते समय मास्क या दो सर्जिकल मास्क पहनना चाहिए और उन्हें ठीक से पहनें, मुंह और नाक को ढकें, भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बचें और स्वच्छता बनाए रखें.

कोरोना की जटिलताओं और समस्याओं पर शोध अभी भी जारी है. देश और दुनिया के वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं. कोरोना वायरस की जटिलताओं को रोकने का सबसे सरल तरीका है. आप खुद को कोरोना की बीमारी होने से बचाएं और दूसरों को भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए प्रोत्साहित करें. साथ ही पीएम मोदी के प्रयासों को सफल बनाएं और कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाएं. इसके लिए दोनों डोज लें. इससे कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं. इसके लिए दोनों चीजें जरूर करें.

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