महिला की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है सोने का समय, जानें कैसे
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महिला की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है सोने का समय, जानें कैसे | women-special – News in Hindi

हर मां अपने बच्चे को रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी जागने की सीख देती है, लेकिन शोधकर्ताओं के मुताबिक यह सीख उन महिलाओं को भी अपनानी चाहिए जो गर्भवती (Pregnant) होना चाहती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाएं जो रात में जल्दी सोती हैं और सुबह जल्दी जाग जाती हैं, उनके गर्भवती होने की संभावना अधिक होती है. ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के शोधकर्ताओं के मुताबिक, सुबह जल्दी उठने वाले लोग स्वस्थ रहते हैं और इसकी वजह से गर्भवती होने की बेहतर संभावना होती है. रात में देर तक जागने वालीं महिलाओं की तुलना में जल्दी सोने वाली महिलाओं की जीवनशैली (Lifestyle) स्वस्थ जीवनशैली होती है.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि रात में जल्दी सोने से शरीर ऊर्जा से भरपूर और ताजा महसूस करता है. चुस्त रहने से न केवल अच्छा महसूस होता है बल्कि अगली रात में अच्छी नींद लेने में भी मदद मिलती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि जल्दी सोने वाली महिलाओं का न केवल वजन कम होता है, बल्कि मधुमेह और हृदय रोग होने का जोखिम भी कम होता है. ये सारी समस्याएं गर्भ धारण की संभावना को प्रभावित करती हैं. अध्ययन के परिणाम ब्रिटिश फर्टिलिटी सोसाइटी के वार्षिक सम्मेलन में पेश किए गए थे.

myUpchar के डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि गर्भ धारण वास्तव में एक कठिन प्रक्रिया है. इसमें कई चरण होते हैं और सारा काम शुक्राणुओं (पुरुषों के वीर्य) और अंडाणुओं (मादा अंडे) का होता है. गर्भवती होने की संभावना को बढ़ाने के लिए और भी कारक हो सकते हैं.एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं

यदि महिला स्वस्थ है, तो नियमित रूप से ओव्यूलेट करेगी और गर्भवती होने की अधिक संभावना होगी. संतुलित आहार इसमें मदद कर सकता है. पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, मिनरल और माइक्रोन्यूट्रीयंट्स मिलें. अधिक एंटीऑक्सिडेंट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, नट्स और अनाज शामिल करें. ये खाद्य पदार्थ विटामिन सी और ई, फोलेट, बीटा-कैरोटीन और ल्यूटिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट से भरे होते हैं. एंटीऑक्सिडेंट मुक्त कणों से लड़ सकते हैं, जो शुक्राणु और अंडाणु कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

सक्रिय रहें

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से मध्यम तीव्रता के व्यायाम जैसे चलना, योग या घरेलू गतिविधियां जैसे साफ-सफाई या बागवानी महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकती हैं. अत्यधिक तीव्रता वाले व्यायाम से बचें क्योंकि वे विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं. बहुत अधिक व्यायाम करने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है और गर्भवती होने की संभावना कम हो सकती है.

तनाव कम करें

बहुत अधिक तनाव कोर्टिसोल के बढ़ते स्तर के कारण हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकता है और गर्भधारण की संभावना को कम कर सकता है. इसलिए यदि गर्भवती होने की कोशिश कर रही हैं तो अपने तनाव के स्तर को कम से कम रखें. तनाव को कम करने के लिए ध्यान एक सरल और प्रभावी तरीका है.

वजन पर ध्यान दें

कम वजन और ज्यादा वजन, दोनों ही महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. अपनी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें. संतुलित आहार और नियमित व्यायाम स्वस्थ वजन पाने का जरिया है, जिससे गर्भवती होने और स्वस्थ बच्चे को जन्म देने की संभावना बढ़ जाती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, प्रेगनेंसी में होने वाली समस्याएं और उनका समाधान पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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