रेसिपी में मसाले के मिश्रण का एक चम्मच मिला देने से सूजनरोधी यानी एंटी-इंफ्लेमेटरी लाभ होते हैं.
स्वास्थ्य

मसालेदार खाने के शौकीन हैं तो ये हेल्दी वजह आपका मनोबल बढ़ाएगी

अधिक वसा (Fat) के सेवन से कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं लेकिन फास्ट फूड (Fast Food) खाने का मन हो और इसमें एक चम्मच यहां बताएं गए 13 प्रकार के मसालों (Spices) का मिश्रण मिला दें तो इससे होने वाला हानिकारक प्रभाव कम हो जाता है. जी हां, धनिया, दालचीनी, तेजपान का पत्ता, तुलसी से लेकर अदरक, अजवाइन, जीरा जैसे मसाले ऐसे उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों के नुकसान को कम कर सकते हैं. यह बात एक अमेरिकी शोध के निष्कर्षों में सामने आई. हाल ही के अध्ययन में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया उच्च वसा वाले भोजन जैसे कि बर्गर, फ्राइड चिकन और तेल वाली करी का हानिकारक प्रभाव कम होता है अगर उनमें कुछ मसाले डाल दिए जाएं. इस नए अध्ययन के अनुसार, रात के खाने में धनिया, जीरा, अजवायन जैसे मसाले हों तो उच्च वसा वाले भोजन के नुकसान से बच सकते हैं. रेसिपी में मसाले के मिश्रण का एक चम्मच मिला देने से सूजनरोधी यानी एंटी-इंफ्लेमेटरी लाभ होते हैं और कैंसर, डायबिटीज़ या हृदय रोग का जोखिम कम हो सकता है.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला कहते हैं कि बहुत अधिक संतृप्त वसा के सेवन से हृदय रोग की समस्या होती है. अधिक मात्रा में संतृप्त वसा धमनियों में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाती है. इससे शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है और मोटापा जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसके ज्यादा सेवन से कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने प्रयोगों में पाया कि जिन लोगों ने उच्च वसा और उच्च कार्ब्स वाला भोजन किया, लेकिन उस भोजन में सिर्फ छह ग्राम इन मसालों का मिश्रण होने से उनके रक्त में इंफ्लेमेशन मार्क्स कम थे. यह निष्कर्ष मसालेदार भोजन पसंद करने वालों के लिए अच्छी खबर हो सकती है जो व्यायाम करने या हेल्दी फूड खाने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे.अमेरिका के पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, ‘अगर मसाले पसंद हैं तो वे उच्च वसा या उच्च कार्ब वाले भोजन को अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाने का तरीका हो सकते हैं. हम इस अध्ययन से किसी एक मसाले को लेकर यह नहीं कह सकते हैं बल्कि यह विशेष रूप से एक मिश्रण था जो फायदेमंद लग रहा था. हम यह पता लगाना चाहते थे कि क्या मसालों का एक मिश्रण एक ही भोजन में फिट हो सकता है और इसका कोई सकारात्मक प्रभाव हो सकता है.’ अपने अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 12 पुरुषों को लिया जो 40 से 65 वर्ष के बीच के सभी धूम्रपान न करने वाले, अधिक वजन वाले या मोटे थे.

पुरुषों में हृदय रोग होने का एक जोखिम भी था जैसे कि उच्च रक्तचाप, एक निष्क्रिय जीवन शैली, उच्च कोलेस्ट्रॉल या पारिवारिक इतिहास. प्रयोगों के लिए, शोधकर्ताओं ने तुलसी, तेजपान, काली मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, अदरक, ओरेगेनो, लाल मिर्च, रोजमैरी, अजवायन और हल्दी के एक विशेष मिश्रण का उपयोग किया. हर प्रतिभागी ने तीन अलग-अलग दिनों में उच्च संतृप्त वसा और कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन लिए. ये भोजन तीन अलग-अलग वर्जन में लिए गए. एक बिना मसाले के मिश्रण के साथ, दूसरा दो ग्राम और तीसरा छह ग्राम के साथ मसाला मिश्रण.

शोधकर्ताओं ने सूजन की स्थिति को मापने के लिए चार घंटे तक हर भोजन से पहले और बाद में रक्त के नमूने लिए. विश्लेषण से पता चला कि छह ग्राम मसालों के साथ भोजन करने के बाद सूजन कम हो गई थी. हालांकि, यह अध्ययन में स्पष्ट नहीं हुआ कि 13 जड़ी बूटियों और मसालों में से कौन सा ज्यादा प्रभावशील था.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गरम मसाले के फायदे, नुकसान और बनाने का तरीका पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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