Home
स्वास्थ्य

मछली का सेवन हेल्थ के लिए है बेहद फायदेमंद, स्ट्रेस से जुड़ा है कनेक्शन

भले ही आप बंगाली न हों लेकिन क्या आपको पता है कि मछली (Fish) खाने के कई फायदे होते हैं. खासतौर पर ठंड के मौसम (Winter Season) में मछली का सेवन जरूर करना चाहिए. स्वादिष्ट होने के अलावा, मछली खाने से आपके स्वास्थ्य को कई तरीकों से लाभ मिल सकता है. आपको यह अजीब लग सकता है कि बंगाल, असम और भारत के तटीय क्षेत्रों में लोग भोजन के रूप में मछली को विशेष महत्व देते हैं. मछली बनाना भी बहुत आसान है, क्योंकि मछली का मांस काफी तेजी से पकता है. चावल तथा रोटी के साथ आसानी से इसे खा सकते है. मछली हेल्थ को अच्छा बनाए रखती है. यहां कुछ कारण हैं कि आपको हर दिन निश्चित रूप से मछली क्यों खानी चाहिए?

गुड फैट

फैट युक्त मछली (सैल्मन, ट्राउट, सार्डिन, टूना और मैकेरल) वास्तव में स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छी हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि मछली ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरी होती है. ये फैटी एसिड मस्तिष्क और आंखों की उचित देखभाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

इसे भी पढ़ेंः सर्दियों में जरूर खाएं चौलाई का साग, इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग कर बीमारियों को रखेगा दूर

स्वस्थ दिल
मछली में सैचुरेटेड फैट नहीं होता है, इस वजह से यह स्वास्थ्य और विशेषकर हृदय के लिए अत्यधिक लाभदायक है. चिकन, मटन जैसे प्रोटीन के अन्य स्रोतों के बजाय यदि आप नियमित रूप से मछली खाते हैं तो यह आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा क्योंकि इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत कम होती है.

विटामिन डी से परिपूर्ण

मछली विटामिन-डी का एक प्राकृतिक स्रोत है. शरीर को अन्य सभी प्रकार के पोषक तत्वों को अवशोषित करने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करने के लिए विटामिन-डी की जरूरत होती है. मछली खाने से शरीर की यह आवश्यकता पूरी हो जाती है.

स्ट्रेस से लड़ने में सहायक

मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और DHA से लेकर विटामिन-डी तक सभी तत्व पाए जाते हैं और जब इसका सेवन किया जाता है तो ये सभी पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करते हैं. साथ ही ये अवसाद और मानसिक स्वास्थ्य जैसी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं.

इसे भी पढ़ेंः सर्दियों में जरूर खाएं ड्रैगन फ्रूट, इम्यूनिटी होती है मजबूत

डायबिटीज में लाभदायक

यदि आप नियमित रूप से मछली खाते हैं, तो डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कम कर सकते हैं. यह शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करने में मदद करता है. यह कई बड़ी बीमारियों से लड़ने में मदद करता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *