भोजन से जुड़ी इन 8 बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य

भोजन से जुड़ी इन 8 बातों का रखें ध्यान, दूर रहेंगी बीमारियां

बच्चों को स्वस्थ भोजन देने के लिए किसी भी घर में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता बहुत मायने रखती है. भोजन की गलत तरीके से तैयारी, उसका प्रबंधन या स्टोरेज से वह जल्दी खराब हो सकता है और ऐसा दूषित भोजन खाने पर हेपेटाइटिस ए या डायरिया जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं. लगातार ऐसा भोजन खाने से व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो सकता है और ऐसे बच्चों का शारीरिक विकास बाधित हो सकता है. कुछ बुनियादी सिद्धांतों को समझना और उनका पालन करना भोजन के खराब होने और संक्रमण के फैलने से रोकने में मदद कर सकता है. अपने परिवार को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए यहां फूड सेफ्टी के कुछ नियम दिए गए हैं.

भोजन को सही तापमान पर रखें

भोजन के खराब होने और संक्रमण फैलने के जोखिम को रोकने के लिए उसके स्टोरेज के तापमान पर ध्यान रखना जरूरी है. यानी जहां भोजन रखा जा रहा है, वहां का तापमान क्या है? भोजन 40 डिग्री फारेनहाइट (4.4 डिग्री सेल्सियस) पर ठंडा या 140 डिग्री फारेनहाइट (60 डिग्री सेल्सियस) पर गर्म रखना चाहिए. 40 डिग्री और 140 डिग्री के बीच की सीमा को ‘डेंजर जोन’ माना जाता है क्योंकि इस सीमा के भीतर बैक्टीरिया सबसे आसानी से बढ़ते हैं.

बचे हुए भोजन को जितना जल्दी हो फ्रिज में रखेंगर्म खाद्य पदार्थों सहित बचे हुए किसी भी भोजन को तुरंत रेफ्रिजिरेट किया जाना चाहिए. उन्हें कमरे के तापमान पर ठंडा करने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए. myUpchar से जुड़े डॉ. आयुष पांडे का कहना है कि यदि खाने को बनने के बाद दो घंटे तक फ्रिज में न रखा जाए तो उसमें बैक्टीरिया पनपने की आशंका बढ़ जाती है. बैक्टीरिया युक्त खाना खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका अधिक हो जाती है.

सही कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें

केवल उन्हीं कटिंग बोर्ड्स का इस्तेमाल करें, जिन्हें कीटाणुरहित किया जा सकता है. रेडी-टू-ईट फूड्स के लिए अलग-अलग बोर्ड्स का उपयोग करें और जिन खाद्य पदार्थों को पकाया जाना है, जैसे कि मीट. myUpchar के मुताबिक एक ही कटिंग बोर्ड को नॉन-वेज और वेज खाने के लिए इस्तेमाल करना सही नहीं है.

अच्छी तरह से हाथ धोएं

किचन में जाने से पहले और वहां रहते हुए हमेशा हाथ धोने की सही तकनीकों का उपयोग करें. वैसे भी कोरोना वायरस ने सभी को 20 सेकंड तक हाथ धोने का महत्व अच्छी तरह समझा दिया है.

बच्चों के डायपर बदलने के बाद ऐसे धोएं हाथ

डायपर बदलने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धोए बिना भोजन से जुड़ा कोई काम न करें. साबुन और गर्म पानी का उपयोग करें और उन्हें एक साफ तौलिया से सुखाएं.

बीमार हों तो किचन से बाहर रहें

यदि दस्त हों या किसी बीमारी के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण हैं, या यदि संक्रमित त्वचा के घाव या चोट, या खुले कट हैं, तो भोजन न तो तैयार करें और ना ही परोसें. छोटे, असंक्रमित कट को गैर-लेटेक्स ग्लब्स के साथ कवर किया जा सकता है.

गिरे हुए बर्तन का इस्तेमाल

खाने के बर्तन अगर फर्श पर गिर जाता है तो इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा साबुन और पानी से धोना चाहिए.

गंदगी को साफ करें

फर्श पर गिरे हुए भोजन को डिस्कार्ड करें. भोजन के बाद उस जगह को जरूर साफ करें जहां खाना खाया हो. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, एंटीऑक्सीडेंट क्या है? भोजन और लाभ पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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