कोविड काल में वायरस के डर से बहुत से हस्पतालों ने रोबोट की मदद ली. किसी ने मेन गेट पर रोबोट को तैनात किया था थर्मल स्क्रीनिंग को लिए तो किसी हस्कोपताल को कोविड वॉर्ड में रोबोट मरीज़ों को पहुँचा रहा था दवाई और खाना. इतना ही नहीं Quarantine वार्ड की साफ सफ़ाई भी कई हस्पतालों में था रोबोट के ही जिम्मे थी क्योंकि इंसान को वायरस से डर पर मशीन को नहीं.
स्वास्थ्य

भारत में रोबोट जल्द ही संभालेगा अकेले क्लिनिक

1) रोबोट बॉयमेट्रिक, QR कोड या OTP के ज़रिए मरीजों का रेजिस्ट्रेशन कर रहे हैं.
2) रोबोट सेंसर की मदद से मरीज़ के वायटल जैसे की बॉडी टेंपरेचर, प्लस, बीपी, रिकॉर्ड करने में मदद कर रहे हैं.
3) रोबोट में लगे ऑनबोर्ड टच और वॉयस की मदद से मरीज़ों से उनकी सेहत का हाल चाल पूछा जा रहा है.
4) रोबोट के सर्वर में मरीज़ों का सारा हेल्थ डाटा रिकॉर्ड हो रहा है. इससे दूर बैठकर भी डॉक्टर इसे एक्सेस कर पा रहे हैं.
5) डॉक्टर रोबोट में लगे डिवाइस और सेंसर के जरिए मरीज़ों को सलाह देने में मदद मिल रही है.



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