भारत के लिए कितना खतरनाक है कोरोना मामलों का बढ़ना? ICMR विशेषज्ञ ने बताया
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भारत के लिए कितना खतरनाक है कोरोना मामलों का बढ़ना? ICMR विशेषज्ञ ने बताया

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना फिर से धीरे-धीरे बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना के दो हजार से ज्‍यादा केस रिपोर्ट हुए हैं जो कि कोरोना के बढ़ते हुए ट्रेंड को दिखा रहा है. यही वजह है कि कई राज्‍यों में फिर से मास्‍क और कोरोना नियमों के पालन के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी गई हैं, मास्‍क न पहनने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. वहीं स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना से बचाव के तरीकों को अपनाना इस समय बेहद जरूरी है. हालांक‍ि उनका कहना है कि केसेज बढ़ने के बावजूद फिलहाल पैनिक करने की कोई वजह नहीं सामने आ रही है.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR), नेशनल चेयर, डॉ. सीजी पंडित, डॉ. आर आर गंगाखेड़कर न्‍यूज 18 हिंदी से बातचीत में कहते हैं कि जहां तक भारत में बढ़ते कोरोना केसेज की बात है तो संक्रमितों की संख्‍या बढ़ना तय है. आने वाले कुछ दिनों में देश में कोरोना के मरीजों की संख्‍या बढ़ेगी. ये इसलिए भी है कि इस बार सभी राज्‍यों में स्‍कूल खुल गए हैं. पूरी संख्‍या से स्‍कूल चल रहे हैं. छोटे-बड़े सभी बच्‍चों ने जाना शुरू कर दिया है. इस लिहाज से आने वाले दिनों में कोरोना के मामलों में थोड़ा उछाल तो जरूर देखने को मिलेगा लेकिन यह भी सच है क‍ि जब तक कोई नया वेरिएंट नहीं आ जाता है तब तक इससे कोई खास डरने की जरूरत नहीं है.

डॉ. खेड़कर कहते हैं कि अभी तक जो भी नए वेरिएंट सामने आए हैं, वे सभी ओमिक्रोन परिवार से हैं. फिर चाहे बी वन, बी टू हो या एक्‍सई हो. ये सभी ओमिक्रोन के रीकॉम्बिनेंट हैं. कोरोना की तीसरी लहर में भारत इस वेरिएंट से परिचित हो चुका है. भारत के लगभग सभी लोग इस वेरिएंट की चपेट में आ चुके हैं. बेहद तीव्र गति से लोगों को संक्रमित करने वाले इस वेरिएंट ने घर में मौजूद लगभग सभी लोगों को संक्रमित किया था. इस लिहाज से भारतीय लोगों के शरीर में इससे लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी है. इससे संबंधित आने वाला कोई भी वेरिएंट संक्रमित जरूर कर सकता है लेकिन खतरनाक नहीं हो सकता.

डॉ. खेड़कर कहते हैं कि जहां तक ये जानने की बात है कि कौन सा वेरिएंट भारत के लिए नुकसानदेह हो सकता है तो अभी तक तो यही कहा जा सकता है कि ओमिक्रोन फैमिली से अलग अगर कोई नया वेरिएंट सामने आता है तो वह शायद नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसा इसलिए भी कहा जा सकता है क्‍योंकि किसी भी नए वेरिएंट के प्रति शरीर में मौजूद इम्‍यूनिटी मुकाबला कर पाएगी या नहीं, ये कहना अभी मुश्किल ही है. नए वेरिएंट की प्रकृति और स्‍वरूप पर निर्भर करेगा कि वह कितना संक्रामक या खतरनाक है. हालांकि जब तक कोरोना का नया वेरिएंट सामने नहीं आता है तब तक खतरे की बात नहीं है लेकिन एहतियात बरतने की जरूरत है.

चीन में कोरोना बढ़ना हो सकता है खतरनाक
डॉ. खेड़कर कहते हैं कि भारत को फिलहाल चीन पर नजर रखने की जरूरत है. चीन में अगर कोरोना बढ़ता है तो यह भारत के लिए ठीक नहीं है. इसकी वजह है वहां की जनसंख्‍या. ज्‍यादा जनसंख्‍या में अगर कोरोन फैलता है तो कोरोना में म्‍यूटेशन और नए वेरिएंट पनपने का खतरा भी ज्‍यादा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में अगर वायरस में म्‍यूटेशन होता है तो नया वेरिएंट पैदा हो सकता है, जिसके खिलाफ इम्‍यूनिटी शायद इतनी मजबूत न हो. इसके साथ ही वैक्‍सीनेशन का क्‍या असर रहेगा यह भी बड़ी चुनौती हो सकता है. हालांकि फिलहाल डरने के बजाय सावधानी बरतने की जरूरत है.

Tags: Corona Virus

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