बॉडी को फिट रखने के लिए ये योगासन हैं जरूरी, बीमारियों से नहीं होगा सामना
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बॉडी को फिट रखने के लिए ये योगासन हैं जरूरी, बीमारियों से नहीं होगा सामना | health – News in Hindi

आज सोमवार के लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हमने शरीर को मजबूत बनाने वाले कई योगासन (Yoga Posture) किए. आज जहां बटर फ्लाई आसन (Butter Fly Posture), मार्जरी आसन आदि का अभ्‍यास किया, वहीं उत्तानपादासन, चक्रासन आदि का अभ्‍यास भी किया. नियमित रूप से योग करने से शरीर में एनर्जी (Body Energy) का संचार तो होता ही है साथ ही कई प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है. योग से व्यक्तित्व में भी विकास आता है. इन व्यायाम को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है. साथ ही यह भी जरूरी है कि योग शरीर की क्षमतानुसार किया जाए. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. शुरुआत में इन अभ्‍यासों को पांच बार करें और बाद में अपने शरीर की क्षमता के अनुसार इसे बढ़ा सकते हैं. तो आइए स्‍वस्‍थ रहने की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए योग करें.

उत्तानपादासन
उत्तानपादासन में गति के बारे में बताया गया कि आपको इसमें किस तरह गति का ध्‍यान रखना है. पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं. दोनों हथेलियों को जांघों के साथ भूमि पर स्पर्श करने दें. दोनों पैरों के घुटनों, एड़ियों और अंगूठों को आपस में सटाए रखें और टांगें तानकर रखें. अब सांस भरते हुए दोनों पैरों को मिलाते हुए धीमी गति से भूमि से करीब डेढ़ फुट ऊपर उठाएं अर्थात करीब 45 डिग्री कोण बनने तक ऊंचे उठाकर रखें. फिर श्वास जितनी देर आसानी से रोक सकें उतनी देर तक पैर ऊपर रखें. फिर धीरे-धीरे श्वास छोड़ते हुए पांव नीचे लाकर बहुत धीरे से भूमि पर रख दें और शरीर को ढीला छोड़कर शवासन करें. इसे 10 बार करें. यह आसान मोटापा घटाने में सहायक है. साइटिका वाले इसका अभ्‍यास न करें. हाई ब्‍लडप्रेशर वाले भी न करें.इसे भी पढ़ें – कंधे को मजबूत बनाएंगे ये योगासन, पीठ और कमर दर्द भी होगा दूर

चक्रासन
इस आसन को करते समय हथेलियों को नीचे स्पर्श करते समय जल्दबाजी न करें. चक्रासन करने के कई लाभ होते हैं. इस आसन के अभ्यास से पेट की गड़बड़ियां दूर होती हैं. साथ ही कमर पतली और लचकदार बनती है. इस आसन से बांहों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं. टांगें, घुटने चुस्त होते हैं. जांघें और पिण्डलियां भी मजबूत बनती हैं. इसके अलावा इसे करने से बांहों का ऊपरी भाग भी सशक्त होता है. पेट की चर्बी कम होती है.

कपाल भाति
कपाल भाति बहुत ऊर्जावान उच्च उदर श्वास व्यायाम है. कपाल अर्थात मस्तिष्क और भाति यानी स्वच्छता अर्थात ‘कपाल भाति ‘ वह प्राणायाम है जिससे मस्तिष्क स्वच्छ होता है और इस स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित होती है. वैसे इस प्राणायाम के अन्य लाभ भी हैं. लीवर किडनी और गैस की समस्या के लिए बहुत लाभ कारी है. कपाल भाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें.

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इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं. इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते हैं लेकिन एक क्रम में 50 बार से अधिक न करें. क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं. इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं.

कपाल भाति के फायदे
ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है
सांस संबंधी बीमारियों को दूर करमे में मदद मिलती है. विशेष रूप से अस्थमा के पेशेंट्स को खास लाभ होता है.
महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी
पेट की चर्बी को कम करता है
पेट संबंधी रोगों और कब्ज की परेशानी दूर होती है
रात को नींद अच्छी आती है

ये लोग कपाल भाति न करें
प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए
जिनकी कोई सर्जरी हुई हो वह इसे न करें
गैसट्रिक और एसिटिडी वाले पेशेंट्स इसे धीरे-धीरे करने की कोशिश करें.
पीरियड्स में बिल्कुल न करें.
हाई बीपी और हार्ट संबंधी रोगों के पैशेंट्स इसे करने से बचें.

अनुलोम विलोम प्राणायाम
सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
फेफड़े मजबूत होते हैं
बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
वजन कम करने में मददगार
पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है
तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए मददगार
गठिया के लिए भी फायदेमंद



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