बिना मेडिकल टेस्ट के कैल्शियम की गोली खाने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा - स्टडी
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बिना मेडिकल टेस्ट के कैल्शियम की गोली खाने से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा – स्टडी

आजकल की लाइफस्टाइल में अनियमित खान-पान की वजह से आमतौर पर 30 की उम्र के बाद हड्डियां कमजोर होने लगती है.ऐसे में कई बार ये देखने में आया है कि जरा हड्डियों में दर्द होने, जोड़ो में दर्द होने या मांसपेशियों में ऐंठन होने पर लोग बिना डॉक्टरी चेकअप कराए, अपने आप से ही कैल्शियम सप्लीमेंट्स या कैल्शियम टेबलेट लेना शुरू कर देते हैं. क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि हड्डियों की मजबूती के लिए ये जरूरी है. आपको बता दें कि कैल्शियम एक मिनरल है, जो ना सिर्फ हड्डियों, दांतों को हेल्दी रखता है, बल्कि नसों, हार्ट, मसल्स, ब्लड से जुड़ी समस्याओं को दूर रखने के लिए भी जरूरी होता है.

डेली मेल में छपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार अब एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि बिना मेडिकल टेस्ट कराए कैल्शियम लेना खतरनाक हो सकता है. ये खतरा खासकर तब और ज्यादा हो जाता है, जब आप इसे बॉडी में अब्जॉर्ब कराने के लिए जरूरी विटामिन-डी (Vitamin D) नहीं ले रहे.

कैसे हुई स्टडी
ब्रिटेन के 2,650 लोगों पर स्टडी की गई. जिसके मुताबिक कैल्शियम की गोली से वयस्कों में हार्ट अटैक से मौत का रिस्क सामान्य लोगों की तुलना में करीब एक तिहाई यानी 33% ज्यादा है. स्टडी में बताया गया कि अलग से लिया गया कैल्शियम बॉडी में अब्जॉर्ब नहीं होता है, तो हार्ट के अंदर एओर्टिक वाल्व (Aortic valve) का खुलना पूरी तरह से बंद कर सकता है. इस स्टडी का निष्कर्ष मेडिकल जर्नल ‘हार्ट’ में प्रकाशित किया गया है.

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इसके साथ ही स्टेनोसिस वाल्व लीफलेट्स (stenosis valve leaflets) पर कैल्शियम की परत के कारण उनकी खुलने और बंद होने की क्षमता प्रभावित होती है. इससे शरीर में ऑक्सिजनेटेड ब्लड फ्लो कम हो जाता है. अमेरिका के ओहायो में क्लीवलैंड क्लिनिक फाउंडेशन (Cleveland Clinic Foundation in Ohio) के रिसर्चर्स जिन्होंने 5 साल तक मरीजों का फोलॉअप लिया, उन्होने पाया कि इसके साथ विटामिन D नहीं लेने पर हार्ट की समस्याओं से मरने का रिस्क दोगुना रहता है. इससे पहले 2010 में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की एक रिपोर्ट ने बताया था कि कैल्शियम लेने वालों में दिल के दौरे की दर काफी अधिक है. फिर 2019 में टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 27,000 अमेरिकी वयस्कों के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर कैल्शियम की उच्च खुराक और कैंसर के बीच संबंध बताया था.

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नेचुरल कैल्शियम है बेस्ट
कैल्शियम हडि्डयों और दांतों के लिए जरूरी है. इसकी कमी से बच्चों में रिकेट्स हो सकता है. आपको बता दें कि रिकेट्स एक ऐसी स्थिति है जो बच्चों में हड्डियों के विकास को प्रभावित करती है, जो बाद में ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia) और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के रूप में भी परेशान करता है. इसलिए कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए इसके नेचुरल सोर्स की तरफ जाना चाहिए. डेयरी प्रोडक्ट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और कुछ मछलियों में ये सहज उपलब्ध है.

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