बारिश के मौसम में गर्भवती महिलाएं हो जाएं सावधान, इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल
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बारिश के मौसम में गर्भवती महिलाएं हो जाएं सावधान, इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल | health – News in Hindi

बारिश के मौसम में गर्भवती महिलाओं को बहुत अधिक सावधान रहने की जरूरत होती है.

वे महिलाएं जो गर्भवती हैं (Pregnant Women) उन्हें बारिश के मौसम में विशेष रूप से सावधान रहना होता है. इस मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही तबियत बिगाड़ सकती है.



  • Last Updated:
    July 22, 2020, 3:11 PM IST

बारिश (Rain) की शुरुआत के साथ लोगों को खुद का ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है. वे महिलाएं जो गर्भवती हैं (Pregnant Women) उन्हें इस मौसम में विशेष रूप से सावधान रहना होता है. इस मौसम में किसी भी तरह की लापरवाही तबियत बिगाड़ सकती है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपने और अजन्मे शिशु की सेहत के लिए इन 5 बातों का विशेष ख्याल रखना होगा.

संतुलित पौष्टिक आहार

मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए मानसून में भी संतुलित पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है. यह एक ऐसा समय होता है, जब शरीर की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता अपने निम्न स्तर पर होती है और मानसून इसके साथ कई बीमारियां लेकर आता है. ऐसा आहार लें जो प्रोटीन में उच्च हो. ऐसे समय में गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करना और हेल्दी सूप का सेवन बढ़िया विकल्प है. ताजा खाद्य पदार्थों का सेवन करें और पालक, गोभी जैसी सब्जियों से बचें क्योंकि इसमें कीटाणुओं की आशंका होती है.तरल पदार्थ की कमी न हो

वातावरण में आर्द्रता बढ़ जाती है, जबकि तापमान कम हो जाता है, जिससे मानसून सुखद होता है. कई गर्भवती महिलाएं मानसून में डिहाइड्रेशन से पीड़ित होती हैं, जिससे मतली, सिरदर्द और बेहोशी की शिकायत होती है. myUpchar से जुड़ी डॉ. आकांक्षा मिश्रा का कहना है कि पानी की कमी शरीर में खनिज, शर्करा और नमक के संतुलन को बिगाड़ सकती है. इसलिए सुनिश्चित करें कि तरल पदार्थ का सेवन करें. अपने आहार में नियमित रूप से नारियल पानी और जूस को शामिल करें.

व्यक्तिगत स्वच्छता का ज्यादा ध्यान

myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि स्वस्थ और रोग से मुक्त रहने के लिए स्वच्छता के प्रति अधिक जागरुक होने की जरूरत है. जब बात व्यक्तिगत स्वच्छता की होती है तो कई लोग गलतियां कर रहे होते हैं और इसके बारे में उन्हें पता भी नहीं होता है. भले ही चारों ओर सामान्य साफ-सफाई बनाए रखे हुए हों, लेकिन मानसून संक्रमण और बीमारियों को लेकर आता ही है. स्वच्छता के किसी भी पहलू को अनदेखा करना कीटाणुओं को शरीर तक पहुंचने का एक रास्ता दे देता है, जिससे बच्चे पर भी असर पड़ सकता है. यदि संक्रमण से बीमार पड़ते हैं तो डॉक्टर शिशु पर इसके प्रभाव के कारण एंटीबायोटिक्स नहीं दे सकता है और प्राकृतिक उपाय का सहारा लेना पड़ेगा जो कि काफी समय ले सकता है. रोकथाम सबसे अच्छा इलाज है.

मौसम के अनुसार पहनें कपड़े

बारिश हो या कोई भी मौसम, गर्भवती महिलाओं को आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए. सूती कपड़े सबसे अच्छे होते हैं. सिंथेटिक कपड़ों से बचें, क्योंकि वे पसीने को अवशोषित नहीं करते हैं और त्वचा पर चकत्ते पैदा करते हैं.

सही फुटवियर का चुनाव

यदि घर से बाहर टहलना पसंद करते हैं या अब भी गर्भावस्था के शुरुआती चरण में हैं, तो मानसून में फिसलन वाली सतहों पर अपना संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है. यहां तक कि जिन सड़कों से अच्छी तरह वाकिफ हैं वो भी बारिश के मौसम में जोखिम भरी हो सकती हैं. गलती से भी पैर फिसलना गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मानसून में होने वाली बीमारियां, लक्षण और सावधानियां पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं. 

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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