काली मिट्टी का उपयोग पेचिश, ऐंठन और अतिसार जैसे पेट के रोग में किया जा सकता है.
स्वास्थ्य

बड़े काम की होती है काली मिट्टी, इसका लेप कई बीमारियों से दिलाता है राहत

मिट्टी (Soil) की कई किस्म होती हैं जैसे काली, लाल, पीली, जलोढ़ और लेटराईट मिट्टी. यह सभी अलग-अलग क्षेत्रों में पाई जाती हैं और इन सभी मिट्टियों में अलग-अलग गुण हैं. अगर काली मिट्टी (Black Soil) की बात करें तो यह सबसे ज्यादा उपजाऊ है और मालवा के पठारों में पाई जाती है. काली मिट्टी को रेगुर मिट्टी, चिकनी मिट्टी, कपास मिट्टी या लावा मिट्टी भी कहा जाता है. यह औषधीय गुणों (Medicinal Values) से भरपूर होती है. myUpchar अनुसार, प्राचीन समय से कई समस्याओं के लिए प्राकृतिक उपचार के तौर पर मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता रहा है.

अनेक तत्वों से भरपूर है काली मिट्टी

आयुर्वेद में मिट्टी का लेप लगाकर कई बीमारियों का इलाज किया जाता है. इसके पीछे मान्यता यह है कि हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है, जिसमें से एक मिट्टी है.मिट्टी में से कई तरह के पोषक तत्व अनाज के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचते हैं और शरीरिक विकास में मदद करते हैं. इसी तरह काली मिट्टी के भी अपने फायदे हैं, इसे आयुर्वेद में स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है.

काली मिट्टी में आयरन की अधिकता

काली मिट्टी का रंग काला होने के कारण इसमें आयरन की मात्रा अधिक होती है. शरीर में खून बनाने की प्रक्रिया में आयरन की मुख्य भूमिका होती है. ऐसे में जिन लोगों में हीमोग्लोबीन की कमी होती है, उनके लिए काली मिट्टी का उपचार फायदेमंद साबित हो सकता है.

स्वास्थ्य और सौन्दर्य बढ़ाती है काली मिट्टी

काली मिट्टी से शरीर की कई प्रकार की अस्वस्थता को दूर किया जा सकता है. यह शरीर की गंदगी को सोखकर ठंडक पहुंचाने का काम करती है. इसमें मौजूद तत्व त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं.

आंखों की जलन करे दूर

आंखों की जलन को दूर करने के लिए काली मिट्टी का उपयोग लाभकारी हो सकता है. काली मिट्टी को साफ पानी के साथ आंखों पर कुछ देर के लिए रखें. इसके बाद धो लें, इससे आंखों की जलन दूर होती है और ठंडक पहुंचती है.

पेचिश, अतिसार, मासिक धर्म के इलाज में असरदार

काली मिट्टी का उपयोग पेचिश, ऐंठन और अतिसार जैसे पेट के रोग में किया जा सकता है. इसमें पेडू पर काली मिट्टी की पट्टी बांधने से फायदा होता है. गठिया में भी यह पट्टी बेहद उपयोगी है. मासिक धर्म के समय होने वाली पीड़ा को भी इससे दूर किया जा सकता है. गर्भाशय संबंधी दोषों के निवारण भी काली मिट्टी की पट्टी फायदेमंद होती है, लेकिन ध्यान रहें कि गर्भवती महिलाओं में पेडू पर काली मिट्टी की पट्टी का इस्तेमाल हमेशा एक जैसा असर नहीं करता है. ऐसे में बेहतर होगा कि गर्भावस्था के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर मेडिकल ट्रीटमेंट लें.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मुल्तानी मिट्टी के फायदे पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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