बच्‍चों के कोविड वैक्‍सीनेशन में बनेंगी श्रेणियां, जानें सबसे पहले किन बच्‍चों को लगेगा टीका
स्वास्थ्य

बच्‍चों के कोविड वैक्‍सीनेशन में बनेंगी श्रेणियां, जानें सबसे पहले किन बच्‍चों को लगेगा टीका

नई दिल्‍ली. देश में कोरोना के खिलाफ वैक्‍सीनेशन अभियान तेजी से चल रहा है. बुजुर्गों के बाद 45 साल से ऊपर आयुवर्ग के और फिर 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्‍सीन लगने के बाद अब किशोर वर्ग के बच्‍चों के लिए टीकाकरण (Covid Vaccination for Children) को अनुमति दी जा चुकी है. संभावना है कि आने वाले कुछ महीनों में बच्‍चों को भी कोरोना वैक्‍सीन (Corona Vaccine) लगना शुरू हो जाएगी. हालांकि इस दौरान वैक्‍सीनेशन के लिए श्रेणियां बनाई जाएंगी और उस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले बच्‍चों को ही सबसे पहले वैक्‍सीन लगेगी.

व्यस्क टीकाकरण की तरह ही इस समूह के टीकाकरण में भी प्राथमिक एज या आयु समूह को रखे जाने की योजना तैयार की जा रही है. इस संबंध में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)  के टास्‍क फोर्स ऑपरेशन ग्रुप पर कोविड-19 के चेयरमैन डॉ. एन के अरोड़ा ने बताया कि व्यस्क टीकाकरण के दौरान प्राथमिक समूहों को व्यवसाय, कोमोरबीडिज या एक साथ कई बीमारियां और उम्र के आधार पर रखा गया था. इस समूह में संक्रमण के कारण जोखिम के खतरे और गंभीर बीमारी (Serious Illness) वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर, मृत्यु दर कम करने के लिए पहले टीका दिया गया था लेकिन जैसा कि अभी तक देखा गया है कि बच्चों में कोविड संक्रमण (Covid Infection) के लक्षण बेहद हल्के ए सिम्पमेटिक या मामूली होते हैं.

वहीं कोविड संक्रमित बच्चों की मृत्यु (Children’s Death by Covid Infection) के मामले भी बड़ों की तुलना में कम देखे गए हैं. इसलिए बड़ों की तरह ही बच्चों में भी कोविड वैक्‍सीनेशन की प्राथमिकता तय की जाएगी. इसमें पहले समूह में उन बच्चों को कोविड की वैक्‍सीन दी जाएगी जिन्हें पहले से कई गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटिज (Diabetes), दिल की बीमारी (Heart Disease), सीकेडी या किडनी की बीमारी, लिवर (Liver), या फिर सांस की तकलीफ है. ऐसी किसी भी अवस्था में सामान्य बच्चों की अपेक्षा कोविड संक्रमण का गंभीर असर हो सकता है.

इसके साथ ही भारत में कुल 44 करोड़ बच्चे हैं जिसमें 12 करोड़ बच्चे 12-17 साल की आयु वर्ग के बीच के हैं. व्यस्क टीकाकरण में तय की गई प्राथमिकता के अनुसार ही बच्चों का भी टीकाकरण (Vaccination) किया जाएगा जिसमें कोमोरबीडिज बच्चों को पहले टीका मिलेगा.

कब से मिलेगा टीका

डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि व्यस्क टीकाकरण के साथ ही किशोरावस्था के लिए टीकाकरण (कोमोरबीडिज समूज ) अक्टूबर मध्य से शुरू किया जा सकता है. जबकि सामान्य बच्चों या किशोरो के लिए टीकाकरण वर्ष 2022 के पहले मध्यान्ह में ही शुरू किया जा सकेगा. वर्तमान में जायडस कैडिला (Zydus Caddila) यानि जेडवाईसीओवीटू (ZYCOV2) की उत्पादन क्षमता एक करोड़ डोज प्रति माह है. इसलिए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनों में उत्पादन क्षमता दो से तीन करोड़ प्रतिमाह हो जाएगी और कुछ दिनों के भीतर ही सभी बच्‍चों और किशोरों को वैक्‍सीन दी जा सकेगी. वे कहते हैं कि यह समझने की जरूरत है कि डीएनए वैक्सीन को बनाने की प्रक्रिया धीमी होती है और इसकी तकनीक को अन्य कंपनियों हस्तांतरित करने में भी समय लगता है.

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