भांग या गांजे के बीज पौष्टिक होते हैं. भांग को शरीर के लिए एक संपूर्ण प्रोटीन माना जाता है.
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पौष्टिक होने के साथ ये हैं भांग के गजब फायदे, स्ट्रेस भी करता है दूर

भांग (Hemp) और गांजा (Hashish) एक ही पौधे की दो अलग-अलग प्रजातियां है. नर प्रजाति को भांग और मादा प्रजाति को गांजा कहते हैं. लोग भांग खाने या पीने के बाद खुशी महसूस करते हैं क्योंकि इसके सेवन से शरीर में ‘हैप्पी हॉर्मोन’ (Happy Hormone) का स्तर बढ़ जाता है जो हमारे व्यवहार को नियंत्रित करने लगता है. वैसे तो भांग खाने से सेहत को नुकसान पहुंचता है लेकिन आपको बता दें कि आयुर्वेद में इसके कुछ फायदे भी बताए गए हैं. भांग को कई जगह पर औषधि के रूप में भी लेने की बात कही गई है. हालांकि भांग का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. अंग्रेजी में इसके कई नाम है जैसै मरिजुआना, वीड और कैनाबीस. इसमें टेट्रा-हाइड्रो-कार्बनबिनोल (Tetrahydrocannabinol) पाया जाता है, जिसे आसान शब्दों में टीएचसी (THC) कहा जाता है. भांग दवा के रूप में भी काम करता है. यह पौष्टिक है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है. आइए आपको बताते हैं इसके कुछ खास फायदों के बारे में.

भांग के बीज होते हैं पौष्टिक
भांग या गांजे के बीज पौष्टिक होते हैं. भांग को शरीर के लिए एक संपूर्ण प्रोटीन माना जाता है. यह आठ आवश्यक अमीनो एसिड की पूरी डोज है. गांजा असाधारण रूप से दो आवश्यक फैटी एसिड अर्थात ओमेगा-6 और ओमेगा-3 से समृद्ध होता है.

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गांजे के बीज में उच्च मात्रा में मौजूद अमीनो एसिड में आर्जिनिन होता है जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड छोड़ता है. नाइट्रिक ऑक्साइड एक प्रकार का गैस अणु है जो रक्त वाहिकाओं को पतला और नियंत्रित करता है, जिसके परिणामस्वरूप निम्न रक्तचाप और हृदय रोग के जोखिमों में कमी आती है.

स्किन के लिए फायदेमंद
भांग के सेवन से स्किन ग्लो करने लगती है. गांजा कैनबिनोइड्स त्वचा से तैलीय परत को खत्म करते हैं. कैनबिनोइड्स त्चचा से सेबोसाइट्स के स्राव को रोकते हैं जिसके कारण से स्किन चमकने लगती है.

जोड़ो के दर्द में मददगार

भांग शरीर में दर्द, मांसपेशियों में तनाव, जोड़ों में जलन या सामान्य दर्द को कम करने में मदद कर सकता है. साथ ही जोड़ो में सूजन को भी कम करता है.

मेनोपॉज के लक्षणों को कम करता है
हार्मोन प्रोलैक्टिन की संवेदनशीलता के कारण कई महिलाएं शारीरिक या भावनात्मक लक्षणों से पीड़ित हो सकती हैं जो प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (Premenstrual Syndrome-PMS) का कारण बनते हैं. भांग के बीज में बड़े पैमाने पर पाया जाने वाला गामा-लिनोलेनिक एसिड प्रोलैक्टिन के प्रभाव और स्तन दर्द और कोमलता की प्रवृत्ति को कम करता है. साथ ही चिड़चिड़ापन और अवसाद को भी घटाता है.

पाचन क्रिया करता है मजबूत
फाइबर अच्छे पाचन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. गांजे का बीज घुलनशील और अघुलनशील फाइबर दोनों का एक समृद्ध स्रोत है. घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए फायदेमंद है. अघुलनशील फाइबर मल को थोक से जोड़ता है. साथ ही भोजन और अपशिष्ट को आंत से गुजरने में मदद करता है.

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अच्छी नींद में मददगार
भांग का सेवन व्यक्ति को पूरे दिन शांत और केंद्रित रहने में सक्षम बनाता है और आरामदायक नींद देने में मददगार साबित होता है. गांजे की प्राकृतिक फाइटोकेनाबिनोइड्स-जिनमें सीबीजी, सीबीडी और टीएचसी का थोड़ा हिस्सा शामिल है, ये सब किसी की मानसिक स्थिति को अच्छा बनाने में मिलकर काम करते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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