पोस्ट कोविड लोगों में बढ़ा डायबिटीज का रिस्क, इंफेक्शन के बाद नजर आने वाले हाई ब्लड शुगर के लक्षण
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पोस्ट कोविड लोगों में बढ़ा डायबिटीज का रिस्क, इंफेक्शन के बाद नजर आने वाले हाई ब्लड शुगर के लक्षण

Corona and Diabetes: कोरोना (Coronavirus) से ठीक होने के बाद लोगों में कई तरह की शारीरिक समस्याओं के होने का खतरा बढ़ रहा है. रेस्पिरेटरी अंगों के अलावा भी कोरोना शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा रहा है. दिल, शरीर की टिशूज, नर्वस सिस्टम आदि प्रभावित हो रही हैं. यह वायरस उन लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ है, जिन्हें गंभीर रोग जैसे हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा आदि की समस्या है. हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद लोगों का ब्लड शुगर भी बढ़ जाता है. ऐसे में यदि आपको कोरोना हुआ है, तो इससे उबरने के बाद अपना ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) जरूर चेक करते रहना चाहिए. खासकर, उन लोगों को जिन्हें डायबिटीज की समस्या है.

कोरोना संक्रमित मरीजों में डायबिटीज होने का रिस्क

लाइवमिंट में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार, कई कोरोनावायरस रोगियों में इससे ठीक होने के बाद की जटिलता में उनका ब्लड शुगर लेवल हाई होने की बात सामने आई है. सीधे तौर पर डायबिटीज का कारण बनने की बजाय, कोविड-19 पहले से मौजूद लेकिन अनियंत्रित डायबिटीज वाले रोगियों को चिकित्सक के पास जाने के लिए मजबूर कर सकता है और इसकी वजह हो सकती है ब्लड शुगर लेवल का बढ़ जाना. हालांकि, यह समस्या कोई स्थायी नहीं है. संक्रमण से प्रारंभिक रूप से ठीक होने के बाद ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, लेकिन प्रॉपर दवाओं के सेवन से नीचे आ जाता है.

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पोस्ट कोविड डायबिटीज के लक्षण

  • बार-बार प्यास लगना
  • थकान महसूस करना
  • भूख में कमी
  • वजन कम होना
  • बार-बार पेशाब जाना
  • धुंधला दिखाई देना
  • जननांगों के आसपास खुजली
  • यदि आपको हाल ही में कोरोना हुआ हो और आप उससे ठीक होने के बाद ये तमाम लक्षण खुद में महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क कर लें.

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डायबिटीज है या नहीं ऐसे पहचानें

शोधकर्ता को अभी तक इस स्टडी के जरिए ये साफ नहीं हो पाया है कि कोरोना मरीजों में ठीक होने के बाद किस प्रकार का डायबिटीज हो रहा है. क्या यह टाइप-1 डायबिटीज है या टाइप-2 डायबिटीज. ​​हालांकि, टाइप-1 मधुमेह ज्यादातर अनुवांशिक होता है, इसलिए कुछ वैज्ञानिक ये भी अनुमान लगा रहे हैं कि इस प्रकार की डायबिटीज होने की संभावना कोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद संभव नहीं है. हालांकि, स्टडी में वैज्ञानिकों के इस अनुमान पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा.

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