उम्र बढ़ने के साथ ही पुरुषों को अपने डॉक्टर से नियमित रूप से बात करनी चाहिए ताकि उन्हें यह पता चल सके कि प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग कब करवानी है.
स्वास्थ्य

पुरुषों में ज्यादा होती हैं ये बीमारियां, ऐसे रखें अपनी सेहत का ध्यान

19 नवंबर को हर साल इंटरनैशनल मेन्स डे (International Men’s Day) सेलिब्रेट किया जाता है और इसकी शुरुआत साल 1999 से हुई थी. पुरुषों की सेहत और स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के मकसद से हर साल मेन्स डे मनाया जाता है. इस साल यानी 2020 में इंटरनैशनल मेन्स डे की थीम है- “पुरुषों और लड़कों के लिए बेहतर स्वास्थ्य”. अमेरिकन जर्नल ऑफ मेन्स हेल्थ की मानें तो पुरुष अपनी सेहत को सबसे आखिर में रखते हैं क्योंकि ज्यादातर पुरुषों को लगता है कि अगर वे घर-परिवार में अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभा रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे स्वस्थ हैं.

पुरुषों की सेहत के बारे में हुई कई रिसर्च में यह बताया गया है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में डॉक्टर के पास कम जाते हैं और जब तक सेहत से जुड़ी कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नहीं हो जाती वे मेडिकल चेकअप के लिए नहीं जाते. ज्यादातर पुरुष जब तक काम कर रहे होते हैं और खुद में प्रॉडक्टिव फील कर रहे होते हैं तब तक उन्हें अपनी सेहत को किसी तरह का खतरा महसूस नहीं होता. ऐसे में भले ही आप हेल्दी महसूस कर रहे हों लेकिन आप हमेशा हेल्दी बने रहें इसके लिए आपको थोड़ी प्लानिंग करने की जरूरत है. लिहाजा, इस इंटरनैशनल मेन्स डे पर हम आपको बता रहे हैं उन 5 बीमारियों के बारे में जो या तो सिर्फ पुरुषों को होती हैं या फिर पुरुषों को ही ज्यादातर प्रभावित करती हैं.

1. प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या या प्रोस्टेट कैंसरप्रोस्टेट पुरुषों के शरीर में मौजूद एक अंग है जो ब्लैडर के ठीक नीचे स्थित होता है और ब्लैडर को पीनिस से कनेक्ट करता है. प्रोस्टेट का काम सीमन फ्लूइड का उत्पादन करना है. लिहाजा कई बार उम्र बढ़ने पर पुरुषों में प्रोस्टेट के बढ़ने (एन्लार्ज्ड प्रोस्टेट) की समस्या भी विकसित हो जाती है. इसके अलावा पुरुषों में होने वाले कैंसर में सबसे कॉमन प्रोस्टेट कैंसर है और आंकड़ों की मानें तो साल 2018 में भारत में प्रोस्टेट कैंसर के 25 हजार 700 मामले सामने आए थे जिसमें से 17 हजार 184 लोगों की मौत हो गई थी.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ ही पुरुषों को अपने डॉक्टर से नियमित रूप से बात करनी चाहिए ताकि उन्हें यह पता चल सके कि प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग कब करवानी है. अगर प्रोस्टेट कैंसर को जल्दी डायग्नोज कर लिया जाए तो इसका इलाज सफलतापूर्वक हो सकता है.

2. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भले ही कोई जानलेवा बीमारी न हो लेकिन यह सेहत से जुड़ी एक अहम समस्या जरूर है. 70 साल से अधिक उम्र के करीब दो-तिहाई पुरुषों में और 40 साल की उम्र के करीब 40 प्रतिशत पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या देखने को मिलती है. जिन पुरुषों में यह दिक्कत होती है वे अपनी लाइफ को इंजॉय नहीं कर पाते जिस वजह से उनमें डिप्रेशन बढ़ सकता है. अगर किसी व्यक्ति को नियमित रूप से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या बनी रहती है तो इसका मतलब है कि शरीर में मौजूद रक्तवाहिकाओं की सेहत पूरी तरह से ठीक नहीं है. कई बार डॉक्टर्स इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को हृदय से जुड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी मानते हैं.

3. टेस्टोस्टेरॉन का लो लेवल 
टेस्टोस्टेरॉन एक हार्मोन है जिसका उत्पादन पुरुषों के शरीर में टेस्टिकल्स द्वारा किया जाता है. टेस्टोस्टेरोन, पुरुषों के रंग-रूप और यौन विकास को प्रभावित करता है. यह स्पर्म के उत्पादन के साथ ही पुरुषों के सेक्स ड्राइव को भी उत्तेजित करता है. यह मांसपेशियों और हड्डियों के निर्माण में भी मदद करता है. टेस्टोस्टेरॉन का उत्पादन आमतौर पर उम्र के साथ कम होता जाता है. अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, 60 साल से अधिक उम्र के 10 में से 2 पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी देखने को मिलती है.

टेस्टोस्टेरॉन का लेवल कम होने पर पुरुषों की सेक्स ड्राइव कम हो जाती है, इरेक्शन हासिल करने में दिक्कत होती है, सीमन की मात्रा कम हो जाती है, बाल गिरने लगते हैं, थकान महसूस होने लगती है, मसल मास में कमी आने लगती है, मूड में बदलाव होने लगता है और पुरुषों की याददाश्त पर भी इसका असर पड़ता है.

4. हृदय से जुड़ी बीमारियां
हृदय रोग जिसमें कोरोनरी धमनी रोग और हार्ट अटैक जैसी बीमारियां शामिल हैं, की वजह से दुनियाभर में सबसे अधिक पुरुषों की मौत होती है. हृदय रोग में मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल प्लाक बनकर हृदय की धमनियों में जमने लगता है और इस प्लाक की वजह से खून के थक्के जम जाते हैं जिससे धमनी ब्लॉक हो जाती है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है. दुनियाभर में हर 5 में से 1 पुरुष को हृदय रोग होता है और डॉक्टरों और आंकड़ों की मानें तो महिलाओं की तुलना में पुरुषों को एथेरोस्क्लेरोसिस होने का खतरा अधिक होता है. लिहाजा पुरुषों को 25 साल की उम्र से ही हर 4-5 साल में 1 बार अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करवानी चाहिए. साथ ही ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रखना चाहिए.

5. फेफड़ों का (लंग) कैंसर
लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर बेहद आक्रामक होता है और इससे पहले कि उसके कोई लक्षण दिखें या एक्स-रे में वह नजर आए वह तेजी से एक बड़े हिस्से में फैल जाता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैलने लगता है. यही वजह है कि फेफड़ों के कैंसर का इलाज मुश्किल होता है. फेफड़ों का कैंसर डायग्नोज होने के बाद आधे से कम पुरुष ऐसे हैं जो जीवित रह पाते हैं. लंग कैंसर के 90 प्रतिशत मामले धूम्रपान करने की वजह से होते हैं लेकिन इन दिनों तेजी से फैल रहे वायु प्रदूषण की वजह से भी फेफड़ों का कैंसर हो रहा है. धूम्रपान की लत को छोड़ देने से लंग कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है.

स्वस्थ रहने के लिए पुरुष इन बातों का रखें ध्यान

  • आप भले ही स्वस्थ और हेल्दी महसूस कर रहे हों फिर भी नियमित रूप से हर साल अपना हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं जिसमें कोलेस्ट्रॉल का लेवल, ग्लूकोज और ब्लड प्रेशर की जांच जसी चीजें शामिल हों.
  • आपको अपनी फैमिली हिस्ट्री के बारे में भी पता होना चाहिए कि आपके माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों को कौन सी बीमारी है. अगर उन्हें हाइपरटेंशन, हृदय रोग या क्रॉनिक हेल्थ कंडिशन हो तो आपको भी ये बीमारियां होने का खतरा हो सकता है. इसलिए अपने डॉक्टर से बात करें कि किस तरह से आप इन बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं.
  • अगर आपको अपनी सेहत में, नींद में, बाथरूम से जुड़ी आदतों में कोई बदलाव नजर आए या फिर अगर कोई घाव या जख्म न भर रहा हो, वजन अचानक कम हो जाए या बढ़ने लगे तो इन बातों को हल्के में लेने की बजाए अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या वर्कआउट जरूर करें. आप चाहें तो वॉक के लिए जा सकते हैं, बच्चों के साथ पार्क में खेल सकते हैं.
  • धूम्रपान की लत को छोड़ें और जहां तक संभव हो कम से कम अल्कोहल का सेवन करें.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल पुरुषों को 35 की उम्र के बाद डॉक्टर से जरूर पूछने चाहिए ये 7 सवाल पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *