नाश्ते में रोजाना करें ओट्स का सेवन, जान लें ये 5 बड़े फायदे
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नाश्ते में रोजाना करें ओट्स का सेवन, जान लें ये 5 बड़े फायदे | health – News in Hindi

ओट्स यानी जई एक स्वस्थ साबुत अनाज का आदर्श उदाहरण है. यह संतुलित पोषण देने के साथ फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट प्रदान करते हैं और इनमें अन्य अनाज की तुलना में अधिक प्रोटीन व स्वस्थ वसा होती है. myUpchar के डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि सुबह नाश्ते में ओटमील खाना दिन शुरू करने का एक स्वस्थ और बढ़िया तरीका है. इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का सही मिश्रण है जो ऊर्जा देता है. ओट्स फाइबर का अच्छा स्रोत है और साथ ही एक कप ओट्स में 10 ग्राम प्रोटीन भी होता है. ओट्स आखिर किस तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, ये जानना जरूरी है.

कोलेस्ट्रॉल कम करने में

ओट्स में घुलनशील फाइबर की काफी मात्रा होती है जो कि पेट की समस्याओं के साथ-साथ हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को भी कम करने में मदद करता है. हाई कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों का बड़ा संकेत है और दुनियाभर में वयस्कों की मौत की एक बड़ी वजह भी है. ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकॉन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. यह एक अकेला ऐसा फाइबर है, जिसे शरीर अवशोषित कर सकता है. यह फाइबर प्राकृतिक रूप से खून में पहुंच रहे कोलेस्ट्रॉल को आगे बढ़ाता है. नियमित रूप से इसे खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है. एक दिन में 5 ग्राम घुलनशील फाइबर का सेवन 5 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल घटा सकता है.हाई बीपी कम करने में करता है मदद

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे दिल का दौरा, दिल का रुक जाना और गुर्दे का रोग जैसी बीमारियां हो सकती हैं. रोजाना ओट्स का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. कुछ मामलों में तो हाई बीपी वाली दवाओं की जरूरत को कम करने में भी मदद करता है.

वजन कम करने के लिए

जब वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो खाने को लेकर तीव्र इच्छा चीजों को कठिन कर देती है, इसलिए जहां तक संभव हो खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होना चाहिए है. एक बार फिर बीटा-ग्लूकॉन यहां मदद करता है, क्योंकि यह पेप्टाइड वायवाय (पीवायवाय) की रिलीज को बढ़ावा देता है. पीवायवाय एक हार्मोन है जिसे भोजन करने पर आंत रिलीज करती है. यह तृप्ति से जुड़ा एक हार्मोन है और अध्ययनों से पता चलता है कि यह कैलोरी की मात्रा को कम करता है और मोटापे का जोखिम कम करता है.

डायबिटीज में

ब्लड शुगर कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो नियमित रूप से ओट्स का सेवन करें. घुलनशील फाइबर के रूप में बीटा-ग्लूकॉन ब्लड शुगर के स्तर के साथ-साथ ग्लूकोज के लिए इंसुलिन की प्रतिक्रिया में भी सुधार करता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बीटा-ग्लूकॉन द्वारा बनाया गया जेल पेट को आंतों में खाली कर देता है.

कब्ज से राहत

ओट्स का रोजाना सेवन आंतों के कार्यों को नियमित रखने में मदद करता है. इसमें बहुत अच्छी मात्रा में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होतं हैं. अघुलनशील फाइबर पाचन को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. अघुलनशील पानी में नहीं घुलते हैं, जिससे यह मल को भारी बनाता है. इससे मल के बाहर निकलने की प्रक्रिया आसान होती है और कब्ज की शिकायत दूर होती है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, शेफ विकास खन्ना से जानें ओट्स बनाने का तरीका पढ़ें.

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