दूध, दही और छाछ का सेवन किस समय करना सेहत के लिए है अच्छा, जानें
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दूध, दही और छाछ का सेवन किस समय करना सेहत के लिए है अच्छा, जानें | health – News in Hindi

अगर सही समय पर भोजन और पेय पदार्थों का सेवन किया जाए तो कई बीमारियों से बच सकते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, शरीर पांच तत्वों से बना है – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश. ऐसे में अगर किसी भी समय कुछ खाते हैं, तो इन तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है और बीमारियां शरीर को घेर लेती हैं. अगर दूध (Milk), दही (Curd) और छाछ (Buttermilk) की बात करें, तो रोजाना इसके सेवन से फायदा मिलेगा लेकिन इसके सेवन के समय के बारे में सही जानकारी होना जरूरी है.

दूध पीने का सही समय

आयुर्वेद में दूध को संपूर्ण आहार माना गया है. इसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है. इसमें 9 आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जिसमें कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फास्फोरस, राइबोफ्लैविविन, नियासिन और विटामिन ए, डी व बी12 शामिल हैं.  आयुर्वेद के अनुसार सुबह के समय पेट भारी नहीं होना चाहिए.  नाश्ते में मलाइदार दूध पीने से पेट में भारीपन हो सकता है. शाम के समय एक गिलास दूध पीना बुजुर्गों के लिए अच्छा है. रात में दूध पीना सबसे अच्छा है. रात में इसे पीने से शरीर की पूरी थकान खत्म हो जाती है और गहरी नींद आती है, क्योंकि इसमें ट्रिपटोफन नाम का एमिनो एसिड होता है जो नींद की गुणवत्ता सुधारता है. साथ ही दूध पचने में भारी होता है, इसलिए अगर इसे सुबह पिया जाए तो दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. बुजुर्ग लोगों को दोपहर में दूध पीना चाहिए. आयुर्वेद के अनुसार, दूध को किसी अन्य भोजन के साथ नहीं पीना चाहिए, क्योंकि यह पचाने में मुश्किल होता है.  खाना खाने के दो घंटे बाद दूध का सेवन किया जा सकता है. दूध पीने के बाद अच्छी तरह से पच जाए तो शरीर के सभी ऊतरों को पोषण मिलता है, भावनाओं को नियंत्रित करता है और वात, पित्त व कफ के दोषों को संतुलित करने में मदद करता है.दही खाने का सही समय

दही गुड बैक्टीरिया का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है जो पाचन में भी मदद करता है. यह हड्डियों और दांतों के लिए अच्छी होती है. आयुर्वेद के अनुसार, दोपहर से पहले खाया जाए तो दही बहुत फायदेमंद होता है. खाली पेट दही खाने से ब्लड प्रेशर हो सकता है. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि कई लोग रात में दही खाते हैं जो कि गलत है. दही ठंडी होती है, इसलिए इसे रात में खाने से खांसी, जुकाम और फेफड़ों की बीमारी के साथ-साथ जोड़ों का दर्द भी हो सकता है. आयुर्वेद के अनुसार रात में दही का सेवन अच्छा नहीं है, क्योंकि इससे बलगम का विकास होता है.कभी भी गर्म दही नहीं खाएं.

छाछ पीने का सही समय

दही को मथने के बाद छाछ बनती है. इसका सेवन शरीर से बीमारियों को दूर भगाता है. यह वजन घटाने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत करने, त्वचा और बालों की सुंदरता के लिए, कब्ज और एसिडिटी में फायदेमंद है. आयुर्वेद के अनुसार, छाछ को दिन में किसी भी समय पिया जा सकता है. इसे भोजन के बाद पी सकते हैं. हालांकि, शाम या रात में इसका सेवन करने से पहले मौसम और जगह पर ध्यान देना जरूरी है. अगर पेट की समस्या है, तो सुबह खाली पेट छाछ पिएं.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कब्ज और एसिडिटी दूर करने साथ ही बालों को सुंदर बनाती है छाछ पढ़ें।

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